अंतरिक्ष से लौटने के बाद लोगों ने राकेश से पूछा था – क्या आपकी भगवान से मुलाकात हुई?

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अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा का आज जन्मदिन है. राकेश का जन्म 1949 में हुआ था. 1984 में अंतरिक्ष पर कदम रखने वाले राकेश शर्मा के वापस लौटने के बाद अक्सर लोग उनसे पूछा करते थे कि क्या उनकी अंतरिक्ष में भगवान से मुलाक़ात हुई है? इन बातों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, ‘नहीं मुझे वहां भगवान नहीं मिले.’

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राकेश की अंतरिक्ष यात्रा को तो तीन दशक से भी ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन आज भी उनके चाहने वाले उनकी अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े सवाल करते ही रहते हैं. राकेश बताते हैं कि, ‘अब मेरे पास आने वाली कई महिलाएं, अपने बच्चों से मेरा परिचय यह कह कर कराती है कि ये अंकल चांद पर गए थे.’

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अंतरिक्ष से लौटने के एक साल बाद तक राकेश शर्मा हमेशा प्रशंसकों से घिरे रहते थे. वे कई समारोहों में लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाया करते थे और अपने एक्सपीरियंस को शेयर करते हैं. लोग उनके ऑटोग्राफ के लिए घंटो खड़े रहते थे. अपने पुराने दिनों को याद करते हुए वे कहते हैं, ‘यह एक बिल्कुल ही अलग एहसास था. प्रशंसकों के इस दीवानेपन से मैं खीझ चुका था और थक चुका था. हर वक्त मुझे हंसते रहना होता था.’

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आपको बता दें कि 21 साल की उम्र में राकेश शर्मा भारतीय वायु सेना से जुड़े थे और वहां वे सुपरसोनिक जेट लड़ाकू विमान उड़ाया करते थे. उन्होंने पाकिस्तान के साथ 1971 की लड़ाई में 21 बार उड़ान भरी थी. 25 साल की उम्र में वे वायु सेना के सबसे बेहतरीन पायलट बन गए थे. उन्होंने अंतरिक्ष में 35 बार चहल कदमी की थी और यह सब करने वाले वे 128 वें इंसान थे.

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तीन अप्रैल 1984 को एक सोवियत रॉकेट में राकेश शर्मा और दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों, यूरी माल्यशेव और गेनाडी सट्रेकालोव अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे. यह उस वक्त के सोवियत रिपब्लिक ऑफ़ कजाख़स्तान के एक अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुई थी. राकेश शर्मा उस लम्हे को याद करते हुए कहते हैं, ‘जिस समय हम रवाना हो रहे थे वो बहुत ही बोरिंग था क्योंकि हम लोगों ने इसका इतना अभ्यास किया था कि यह किसी रूटीन की तरह हो गया था.’

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राकेश शर्मा और उनके साथ जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष में करीब आठ दिन बिताए थे. बता दें राकेश शर्मा वो पहले इंसान थे जिन्होंने अंतरिक्ष में योग का अभ्यास किया. उन्होंने योगाभ्यास करते हुए यह जानने की कोशिश की थी कि क्या इससे गुरुत्व के असर को कम करने में मदद मिल सकती.

साथ ही उन्होंने बताया, ‘यह बहुत मुश्किल था. आपके पैरों के नीचे किसी भी वजन का एहसास नहीं होता है. आप पूरी तरह से हवा में तैरते रहते हैं. इसलिए हमें ख़ुद को थाम कर रखने के लिए कोई उपाय कर के रखना था.’ उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा से जब यह पूछा था कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिख रहा है तो उन्होंने हिंदी में कहा था, ‘सारे जहां से अच्छा’.

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राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष से लौटने के बाद फिर से एक जेट पायलट के तौर पर अपनी ज़िंदगी शुरू कर दी थी. उन्होंने बोस्टन की एक कंपनी में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर भी सेवा दी थी जोकि जहाज, टैंक और पनडुब्बियों के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करती थी. इस पोस्ट से वे आठ साल पहले वो रिटायर हुए हैं. राकेश की पत्नी मधु एक इंटीरियर डिजाइनर हैं.

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ख़बरें तो यह भी है कि राकेश शर्मा पर भी बायोपिक बनाई जाएगी. जिसे लेकर यह ख़बरें है कि आमिर खान राकेश शर्मा की भूमिका में होंगे. जब राकेश से यह सवाल किया गया कि क्या आप फिर से अंतरिक्ष में जाना चाहते हैं तो उन्होंने जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं अंतरिक्ष में दोबारा जाना पसंद करूंगा. लेकिन इस बार मैं एक पर्यटक के तौर पर जाना चाहूंगा. जब मैं वहां गया था तो हमारे पास बहुत सारे काम थे करने को.’

Published by Chanchala Verma on 13 Jan 2018

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