स्लीप पैरालिसिस में सोते-सोते खुद पर कंट्रोल खो देता है मरीज़, जानें इससे जुड़ी और बातें

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स्लीप पैरालिसिस में इंसान भयानक स्वप्न देखने हुए अचानक उठ जाता है. उसका सपना भले ही टूट जाए पर उसके बाद भी वो खुद को बोलने और चलने में असमर्थ पाता है. वो खुद को सँभालने की बहुत कोशिश करता है पर फिर भी बेड से हिल भी नहीं पाता है. जिसकी वजह से उसके भीतर एक डर घर कर जाता है कि वो क्या कभी उसका दिमाग उसकी बॉडी की सुनेगा या नहीं? स्लीप पैरालिसिस से लोग इतना डर जाते हैं कि वे कई दिनों तक सोते ही नहीं हैं. तो आइए जानते हैं स्लीप पैरालिसिस से जुड़े कुछ फैक्ट्स –

1. जो लोग स्लीप पैरालिसिस के शिकार हो जाते हैं उन्हें लगता है कि सोते वक़्त उनकी बॉडी को कोई कंट्रोल कर रहा है.

2. दुनिया के सिर्फ 8 प्रतिशत लोग स्लीप पैरालिसिस के शिकार होते हैं.

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3. स्लीप पैरालिसिस के दौरान इंसान से खुद का कंट्रोल खो जाता है. वो बस सांस ले पाता और देख पाता है.

4. एक बार कोई व्यक्ति स्लीप पैरालिसिस के दौर में चला जाता है तो वो वापस पहले जैसे होने की हालत में भी नहीं रहता है.

5. अधिकतर लोगों को स्लीप पैरालिसिस यंग एज में ही हो जाता है. ये बीमारी 30 साल की उम्र तक चल सकती है.

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6. हमेशा चिंता में रहना और पूरी तरह नींद नहीं लेना इस बीमार का एक कारण हो सकता है. इस बीमार को काउंसलिंग के जरिए मिटाया भी जा सकता है.

7. स्लीप पैरालिसिस से रात भर में एक या दो बार आपको इस बीमारी के झटके का सामना करना पड़ता है.

8. इस बीमारी से रात में 2 सेकंड से 2 मिनट तक का झटका आ सकता है. कभी कभी इसका समय बढ़ भी जाता है. इस बीमारी का दौरा आते ही मरीज़ को तुरंत ही हॉस्पिटल ले जाना चाहिए.

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9. जब तक आपका दिमाग  यकीन नहीं कर लेता की अब वो कोई खतरे में नहीं है तब तक वह उस अटैक के प्रभाव में ही रहता है.

Published by Sakshi Pathak on 12 May 2018

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