दूसरी बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना इंदौर, 4 शिफ्टों में 24 घंटे कर्मचारी करते हैं काम

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एक बार सबसे स्वच्छ शहर का ख़िताब अपने नाम करने के बाद एक बार फिर से इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर बन चुका है. इंदौर के बाद भोपाल देश के दूसरा और चंडीगढ़ देश का तीसरा सबसे स्वच्छ शहर है. इस बार स्वच्छ शहरों के नाम का ऐलान केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में किया है. देश के राज्यों की राजधानियों में ग्रेटर मुंबई देश को सबसे स्वच्छ चुना गया है.

इंदौर के स्वच्छ सर्वेक्षण में पहला स्थान पाने में शहर की सफाई व्यवस्था का और सफाईकर्मियों का बहुत बड़ा हाथ है. इस सफाई व्यवस्था में 4 शिफ्ट में काम होता था.

1. पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे – 

सुबह 6 बजे 6.50 लाख महिलाएं रोज घर से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग कर निगम को देती हैं. इसके अलावा थर्ड बिन में हाइजैनिक कचरा अलग से देती हैं.

2. दूसरी शिफ्ट सुबह 9 बजे – 

सुबह 9 बजे 35 हजार चार पहिया वाहन चालक रोज घर से निकलते समय कार में डस्टबिन लेकर निकलते हैं, जोकि स्पेशली कार के लिए ही डिज़ाइन किए गए हैं.

3. तीसरी शिफ्ट दोपहर 12 बजे –

दुकानकार और व्यवसायी दुकानों का कचना निकालकर शाम को होने वाली सफाई के दौरान गाड़ियों को देते हैं या लिटरबिन में डालते हैं.

4. चौथी शिफ्ट रात 3 बजे –

शहर में रात 10 से सुबह 6 बजे तक सफाई होती है. 170 कचरा कलेक्शन गाड़ियां कचरे को इकठ्ठा कर ट्रांसफर स्टेशन ले जाती है.

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साल 2018 स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे देशभर के 4041 शहरों के सर्वे के बाद जारी किए गए हैं. इस बार के सर्वे पिछले साल किए गए सर्वे से 10 गुना अधिक है. जिसके चलते केंद्र सरकार ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण कह दिया है. बता दें पहला स्वच्छता सर्वेक्षण 2016 में किया गया था जिसमें सिर्फ 73 शहरों को ही शामिल किया गया था. 2016 में कर्नाटक का मैसूर भारत का सबसे स्वच्छ शहर बना था. जिसके बाद चंडीगढ़ दूसरा और तिरुचिरापल्ली (त्रिची) तीसरे स्थान पर था.

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इसके बाद देश के दूसरे स्वच्छता सर्वेक्षण में सिर्फ उन्हीं देशों को लिया गया जिनकी संख्या 1 लाख से ऊपर थी. जिसके बाद सर्वे में 434 शहर शामिल हुए थे. साल 2017 में इंदौर 25वें स्थान को छोड़ पहले स्थान पर कब्ज़ा किया.

तो चलिए बात करते हैं 2018 स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे के बारे में :

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में देश के सबसे स्वच्छ शहर विजयवाड़ा (इंदौर, भोपाल और चंडीगढ़ की आबादी भी 10 लाख से ज्यादा है लेकिन देश का सबसे साफ शहर होने का अवार्ड मिलने के बाद उन्हें इस कैटेगरी में नहीं रखा गया. एक शहर को केवल एक ही कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया.)

1. सफाई में सबसे ज्यादा प्रगति करने वाला शहर: गाजियाबाद(350 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाई)
2. लोगों के फीडबैक के हिसाब से देश का बेस्ट शहर: कोटा
3. इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट शहर: नागपुर
4. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट शहर: नवी मुंबई

3 लाख से ज्यादा लेकिन 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में :

1. देश का सबसे साफ शहर:मैसूर, कर्नाटक
2. देश का सबसे ज्यादा प्रगति करने वाला शहर:भिवंडी, महाराष्ट्र
3. लोगों के फीटबैक के हिसाब से देश का बेस्ट शहर- परमनी, महाराष्ट्र
4. इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट शहर-अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
5. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट शहर: बेंगलुरु, कर्नाटक

3 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहरों में :

1. देश का सबसे साफ शहर:NDMC(नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन)
2. देश का सबसे ज्यादा प्रगति करने वाला शहर: भुसावल, महाराष्ट्र
3. लोगों के फीटबैक के हिसाब से देश का बेस्ट शहर: गिरिडीह, झारखंड
4. इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट शहर: अंबिकापुर, छत्तीगढ़
5. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट शहर: तिरुपति, आंध्र प्रदेश

राज्य की राजधानियों में :

1. देश की सबसे साफ राजधानी: ग्रेटर मुंबई
2. देश का सबसे ज्यादा प्रगति करने वाली राजधानी: जयपुर
3. लोगों के फीटबैक के हिसाब से देश का बेस्ट राजधानी: रांची
4. इनोवेशन के मामले में देश का बेस्ट राजधानी: पणजी
5. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में देश का बेस्ट राजधानी: ग्रेटर हैदराबाद, तेलंगाना

इस साल ये थे सर्वे के मुख्य बिंदु :

कॉलोनियों, बस्तियों, पुराना शहर, अव्यवस्थित और व्यवस्थित बसा क्षेत्र साफ है या नहीं?
महिला और पुलिस पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट. क्या इन्हें बच्चे भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
टॉयलेट की सफाई के साथ रोशनदान, जलप्रदाय, लाइट के इंतजाम.
टॉयलेट एरिया में ड्रेनेज सिस्टम.
टॉयलेट में स्वच्छ भारत मिशन के संदेश वाले होर्डिंग, बैनर, वॉल पेंटिंग.
मार्केट में सफाई व्यवस्था.
सब्जी, फल, मीट या फिश मार्केट में साइट कंपोस्टिंग, वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन और प्राइमरी वेस्ट कलेक्शन सेंटर की जानकारी.
सफाई को लेकर लगे साइन बोर्ड.
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था.
मुख्य स्टेशन पर रेलवे ट्रैक या प्लेटफॉर्म के आसपास 500 मीटर क्षेत्र में कहीं खुले में शौच तो नहीं की जा रही?
शहर में लगे डस्टबीन के बारे में जानकारी और उसके इस्तेमाल को लेकर जागरुकता.

Published by Chanchala Verma on 17 May 2018

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