एक महान कवि के साथ राजनीति के युग पुरुष भी रहे अटल बिहारी वाजपेयी, पढ़िए उनकी खास कविताएं

Get Daily Updates In Email

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसी शख्सियत रहे जिनके नाम का डंका केवल अपनी पार्टी ही बल्कि दूसरी पार्टियों में भी बजता है. वे एक ऐसे नेता रहे जिनकी बातों की सराहना केवल बीजेपी ही नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी भी करती है. इसका एक उदाहरण यह भी है कि स्वयं पंडित जवाहरलाल नेहरु विपक्षी होने के बाद भी वाजपेयी जी की बातों को ध्यान से सुनते थे. अटल बिहारी पंडित नेहरु के खिलाफ कई बातें कहते थे लेकिन वे फिर भी उनकी बातों को ध्यान से सुनते थे.

courtesy

जवाहरलाल नेहरु हमेशा यह कहते थे कि अटल बिहारी एक अच्छे इंसान हैं. एक बार जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर मुद्दे पर भाषण दिया था तब नेहरु ने कहा था, ‘एक दिन वे जरुर प्रधानमंत्री बनेंगे.’  वहीँ नेहरु के निधन पर उन्हें श्रद्धांजली देने अटल बिहारी पहुंचे थे. यहाँ उन्होंने कहा था, एक सपना अधूरा रह गया, एक गीत मौन हो गया और एक लौ बुझ गई. दुनिया भर को भूख और भय से मुक्त कराने का सपना, गुलाब की खुशबु और गीता के ज्ञान से भरा गीत और रास्ता दिखाने वाली लौ. कुछ भी नहीं रहा.

courtesy

अटल बिहारी की कई ऐसी बातें हैं जो उन्हें स्पेशल बनाती हैं. जैसे आप यह भी जानते ही होंगे कि एक कुशल वक्ता, पत्रकार रहने के अलावा एक कवि भी रह चुके हैं. आज हम आपको उनकी कुछ कविताएँ बताने जा रहे हैं. पढ़िए आप भी:

अटल बिहारी वाजपेयी की यह कविता काफी फेमस हुई थी.

इसके अलावा उनकी ‘दो अनुभूतियां’ को भी काफी पसंद किया गया था.

अटल बिहारी वाजपेयी की एक अन्य कविता ‘एक बरस बीत गया’.

वे अपनी कविताओं में विपक्षी पार्टियों पर भी तंज कसते थे, जिससे लोगों में इन्हें पढ़ने की उत्सुकता भी बनी रहती थी.

इनके अलावा भी अटल बिहारी की कई ऐसी कविताएँ हैं जिन्हें सभी ने बेहद पसंद किया है.

Published by Hitesh Songara on 13 Jun 2018

Related Articles

Latest Articles