पंचतत्व में विलीन हुए राष्ट्र संत भय्यूजी महाराज, बेटी कुहू ने दी मुखाग्नि

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मंगलवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के बाद इस दुनिया को अलविदा कहने वाले राष्ट्र संत भय्यू महाराज का आज अंतिम संस्कार किया जा चुका है. इंदौर के भमौरी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. महाराज की बेटी कुहू ने उन्हें मुखाग्नि दी.

निधन के बाद से उनका पार्थिव शरीर बॉम्बे हॉस्पिटल में ही रखा गया था. जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए बापट चौराहे स्थित उनके सूर्योदय आश्रम में रखा गया था. अंतिम श्रद्धांजलि के लिए केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, मंत्री पंकजा मुंडे, विधायक रमेश मेंदोला, कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ल, इंदौर के पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, महेन्द्र हार्डिया, पूर्व विधायक तुलसी सिलावट, अलवर विधायक नरेंद्र शर्मा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के ओएसडी श्रीकांत, मध्य प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री कम्प्यूटर बाबा, कांग्रेस नेता शोभा ओझा, इंदौर की महापौर मालिनी गौड़, कलेक्टर निशांत वरवड़े और डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र पहुंचे थे.

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डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि पुलिस वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है. परिजनों की स्थिति ऐसी नहीं है कि अभी बयान रिकार्ड की जाए. बता दें भय्यू महाराज ने सुसाइड नोट भी लिखा था.

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सुसाइड नोट में भय्यू महाराज ने लिखा था, ‘पारिवारिक जिम्मेदारी संभालने के लिए यहां कोई होना चाहिए, मैं बहुत तनाव में हूं. थक चुका हूं, इसलिए जा रहा हूं. विनायक मेरा विश्वासपात्र है. सब प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट वही संभाले. किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी जरूरी है तो वही करेगा. मुझे उस पर विश्वास है. मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं. किसी के दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं. कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं है.’

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आगे उन्होंने बताया कि घटना के वक्त घर में भय्यू महाराज, मां, सेवक विनायक और योगेश थे. पत्नी डॉ. आयुषी बाहर गई थीं. पुलिस को विनायक ने बताया कि घर में कई लोग रहते हैं. दो सेवादार और थे जिन्हें सुबह 11 बजे भय्यू महाराज ने नीचे भेज दिया था और खुद बेटी कुहू के कमरे में चले गए थे. पत्नी दोपहर करीब 12 बजे लौटी तो देखा कि लाइसेंसी रिवॉल्वर भय्यू महाराज के हाथ के पास पड़ी थी और सिर से खून बह रहा था. विनायक और योगेश उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. अस्पताल के जीएम के मुताबिक दोपहर 2.06 बजे सेवक उन्हें यहां लेकर आए.

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पिता की मौत के बाद भय्यू महाराज की बेटी कुहू ने पुलिस से कहा, “मैं उन्हें (डॉ. आयुषी को) अपनी मां नहीं मानती. उन्हीं के कारण पिता ने यह कदम उठाया. उन्हें जेल में बंद कर दीजिए.’ इसके अलावा डॉ. आयुषी ने कहा, ‘कुहू को मैं और मेरी बेटी पसंद नहीं थी इसलिए बेटी के जन्म के बाद ही मैं अपनी मां के घर रहने चली गई थी, क्योंकि कुहू यहां रहने वाली थी. कुहू के पुणे जाने के बाद कुछ दिन पहले ही मैं इंदौर आई थी और हम दोनों (भय्यू महाराज और वह) अच्छे से रह रहे थे.”

Published by Chanchala Verma on 13 Jun 2018

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