उठ खड़े हुए थे कई अनकहे सवाल जब अटल बिहारी ने कहा था, ‘मैं अविवाहित हूं लेकिन कुंवारा नहीं हूं’

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देश की राजनैतिक सत्ता पर अपनी छाप छोड़ने वाले प्रधानमंत्रियों का जब भी जिक्र होता है तो सबसे पहले इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लिया जाता है. इनका नाम ऐसे नेताओं में शामिल हैं जिनका जिक्र विरोधी पक्ष के लोग भी बड़ी ही इज्जत से करते हैं. अटल बिहारी का जीवन पूरी खुली किताब की तरह ही रहा है. यह बात तो हम सभी जानते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी किसी से शादी नहीं की. लेकिन इसी बात के बारें में जब उनसे एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया तो उन्होंने सभी को बड़े ही शानदार तरीके से जवाब देते हुए कहा था कि, ‘मैं अविवाहित हूं लेकिन कुंवारा नहीं हूं.’ सभी ने इस बात के कई अलग-अलग तरह के मतलब निकाले थे.

जो कल थे, वे आज नहीं हैं। जो आज हैं, वे कल नहीं होंगे। होने, न होने का क्रम, इसी तरह चलता रहेगा, हम हैं, हम रहेंगे, यह भ्रम भी सदा पलता रहेगा। जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाये अटल जी 💐 Happy Birthday to Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee ji. Shahenshah of Politics, Master of Poetry, King of Oratory, seasoned Statesman, philosopher, and my favourite leader in India. He can never be replaced. Glad to meet him twice in my life. Wish I had a camera in late 90's 😪 No politician or person can match the speeches of Vajpayee ji. Even Prime Minister Narendra Modi doesn't come close to such extraordinary oratory skills. #GoodGovernanceDay #AtalBihariVajpayee #Atal #Vajpayee #Primeminister #PM #BharatRatna #India #Indian #Christmas #christmasday #birthday #love #life #happy #poet #philosopher #politician #leader #bjp #politics

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चाहे अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी शादी नहीं कि लेकिन शायद ही आप यह बात जानते हों कि उनकी ज़िंदगी का एक बहुत खास हिस्सा ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से जुड़ा हुआ है. जिस पर बहुत ही कम बात की जाती है. ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी एक सच्चे प्रेमी थे, जिन्होंने अपनी प्रेमिका के मरते दम तक उसका हाथ नहीं छोड़ा भले ही यह अपने प्यार को शादी की मंज़िल तक नहीं पहुंचा सके. अटल बिहारी की प्रेमिका थीं राजकुमारी कौल. दोनों ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) में साथ पढ़ाई करते थे. अटल बिहारी वाजपेयी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक के साथ ही जनसंघ की राजनीति से भी जुड़े हुए थे.

अटल बिहारी वाजपेयी के कॉलेज के समय पर लड़के और लड़कियों की दोस्ती को अच्छी निगाह से नहीं देखा जाता था. इसलिए लोग एक-दूसरे से प्यार करने के बाद भी अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते थे. लेकिन इसके बावजूद भी युवा अटल ने लाइब्रेरी में एक किताब के अंदर राजकुमारी के लिए एक लेटर रखा था लेकिन उन्हें लगा कि उस पत्र का कोई जवाब नहीं आया. असल में राजकुमारी ने जवाब किताब के अंदर ही रखकर अटल के लिए रख दिया गया था लेकिन वह उन तक नहीं पहुंच सका. इस बीच राजकुमारी के पिता ने उनकी शादी एक युवा कॉलेज टीचर ब्रिज नारायण कौल से कर दी थी.

शादी के बाद राजकुमारी कौल का परिवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज के कैम्पस में रहने लगा था. ऐसा कहा जाता है कि इसी दौरान दोनों की दोस्ती वापिस गहरी हो गई और अटल जी उनके परिवार के सम्पर्क में आए थे. इसी दौरान काफी समय तक यह ब्रिज नारायण कौल के घर में साथ रहें थे. राजकुमारी कौल ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि ‘मैंने और अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी इस बात की ज़रूरत नहीं महसूस की कि इस रिश्ते के बारे में कोई सफ़ाई दी जाए.’

courtesy 

कुछ समय पहले राजकुमारी कौल की एक दोस्त ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि, ‘राजकुमारी कौल एक बहुत ही ख़ूबसूरत कश्मीरी महिला थीं. वो बहुत ही मीठा बोलती थीं. उनकी इतनी साफ़ उर्दू ज़ुबान थी. मैं जब भी उनसे मिलने प्रधानमंत्री निवास जाती थी, तो देखती थी कि वहां सब लोग उन्हें माता जी कहा करते थे. अटल जी के खाने की सारी ज़िम्मेदारी राजकुमारी कौल की ही थी. रसोइया आकर उनसे ही पूछता था कि खाने में क्या बनाया जाए.’ राजकुमारी कौल को टीवी देखने का शौक था.

हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती है __ हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते है __ टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी अन्तर की चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं गीत नया गाता हूं.. #getwellsoon #atalbiharivajpayee #realhero

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उनकी दोस्त ने यह भी कहा कि, ‘राजकुमारी कौल कहा करती थीं कि मशहूर गीतकार जावेद अख़्तर जब पैदा हुए थे तब वो उन्हें देखने अस्पताल गई थीं. क्योंकि जावेद के पिता जानिसार अख़्तर ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में उन्हें पढ़ाया करते थे. वो जावेद से लगातार संपर्क में भी रहती थीं.’ भले ही अटल बिहारी वाजपेयी और उनके बीच का रिश्ता क्या था यह साफ़ नहीं हो पाया हो कभी लेकिन कौल हमेशा उनके साथ रहीं. दोनों के बीच एक निजी रिश्ता था, लेकिन कभी भी ना अटल बिहारी ने कोई बात की और ना लोगों की बातों ने इस बात को ज्यादा तवज्जो दी. मिसेज कौल बहुत ही साधारण तरीके से रहती थीं वो कभी भी अटल बिहारी के साथ किसी भी विदेशी दौरों पर नहीं जाती थीं.

राजकुमारी कौल के अंतिम संस्कार में कई राजनेता शामिल हुए थे जैसे लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, सोनिया गाँधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया. राजकुमारी के निधन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अटल बिहारी ने उन्हें ‘वाजपेयी घर का सदस्य’ कहा था.

Published by admin on 14 Jun 2018

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