दिल्ली की रहने वाली निष्ठा डूडेजा ने जीता मिस डिफ एशिया का खिताब, मां को दिया जीत का श्रेय

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आम तौर पर हमने देखा है कि जो लड़कियां सुंदर होती हैं और जिनमें कॉंफिडेंट होता है वही मिस वर्ल्ड या दूसरे ब्यूटी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेती हैं. लेकिन यहां हम आपको दिल्ली के चाणक्यपुरी की रहने वाली निष्ठा डूडेजा के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने हाल ही में भारत का नाम ऊंचा किया है. दरअसल निष्ठा बचपन से ही सुन नहीं पाती हैं. लेकिन उन्होंने कभी इसे अपनी कमी नहीं बनने दिया और आज उन्होंने मिस डिफ एशिया का खिताब जीतकर खुद का और अपने देश का गौरव बढ़ाया है.

यह सब निष्ठा के खुद पर विश्वास की वजह से हुआ है. जी हां, निष्ठा की उम्र फिलहाल 23 साल है और उनका मानना है कि उन्होंने मिस डेफ एशिया का खिताब सिर्फ अपनी लगन के दम पर ही जीता है. अपनी जीत का श्रेय वे अपनी मां को देती हैं.

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Winning Moments ✨ #MissDeafIndia #NishthaDudeja

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दिल्ली की रहने वाली निष्ठा के पिता वेद प्रकाश डुडेजा उत्तर रेलवे में चीफ इंजीनियर हैं. उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में 45 देशों की युवतियों ने भाग लिया था. आखिरी चरण में 24 प्रतिभागी बचे थे, जिसमें निष्ठा ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए यह प्रतियोगिता जीतकर हमारा और देश का मान बढ़ाया है.

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आगे निष्ठा के पिता ने बताया कि निष्ठा जन्म से ही सुन नहीं पाती थी. वे कहते हैं, ‘निष्ठा जब 3 साल की थी, तब हमें पता चला की निष्ठा सुन नहीं पाती है. जिसके बाद हमने निष्ठा को स्पीच थेरेपी देना शुरू किया, जिसके जरिए निष्ठा ने बोलना सीखा. निष्ठा ने 8 साल तक स्पीच थेरेपी के जरिए बोलना सीखा, जिसके बाद अब निष्ठा अपनी बात सही तरीके से बोल पाती हैं.

मिस डेफ एशिया का खिताब जीतने के बाद निष्ठा डूडेजा कहती हैं, ‘मेरे जैसे कई बच्चे हैं लेकिन जब मैं प्रतियोगिता के लिए देश से बाहर गई तो मैंने वहां देखा कि हमारे जैसे बच्चों को सम्मान और बराबरी से देखा जाता है. मुझे लगता है सहानुभूति के बजाय हमारे जैसे बच्चों को बराबरी चाहिए.

आगे उन्होंने बताया कि, ‘मैंने इस प्रतियोगिता के लिए लंबे समय तक तैयारी की, जिसमें सबसे ज्यादा हिम्मत मेरी मां ने बढ़ाई. इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए मैंने कई तरीके की चीजें सीखीं, जिसमें डांस करना मेकअप करना कैटवॉक करना मुख्य रूप से था.’

बेटी की जीत के बाद उनकी मां पूनम का कहना है कि निष्ठा बचपन से ही लगनशील रही हैं और आज जब उसने डेफ एशिया खिताब जीता है, यह सिर्फ और सिर्फ उसके आत्मविश्वास के कारण हो पाया है. आगे उन्होंने बताया कि निष्ठा ने अपनी नकारात्मक कमी को अपनी ताकत बनाया और इस प्रतियोगिता को जीता है.

निष्ठा के माता पिता का कहना है कि वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है. इसके साथ ही निष्ठा एक बेहतर खिलाड़ी भी रही हैं. स्कूल लेवल पर उसने टेनिस का खेल भी खेला है.

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The greatest happiness is my parents' happiness ❤️

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बताते चलें निष्ठा मुंबई के मीठीबाई कॉलेज से इकोनॉमिक्स में MA की पढ़ाई कर रही हैं. आगे चलकर निष्ठा आईएस की तैयारी करना चाहती हैं.

Published by Chanchala Verma on 11 Oct 2018

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