स्कूल बैग का वजन कम करने का प्रिंसिपल ने निकाला तरीका, हो जाएगा 2 से 3 किलो वजन कम

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जब भी हम किसी बच्चे को भारी भरकम बैग लेकर स्कूल जाते हुए देखते हैं तो काफी दुःख होता है. सभी लोगों को बच्चों को देखकर दया तो आती है लेकिन कोई भी इसके लिए बच्चों को इनकार नहीं कर सकता. बच्चों का यह भारी बैग किसी समस्या से कम नहीं है. इसी समस्या से निकलने के लिए गुजरात के एक प्रिंसिपल ने एक सॉल्यूशन ढूंढ़ निकाला है. जी हां, दक्षिण गुजरात के एक गांव में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल आनंद कुमार ने बच्चों के बैग के बोझ को कम करने का आईडिया ढूंढ़ निकाला है. आनंद ने इसके लिए हर महीने की किताबों को अलग-अलग कर दिया. इसके हिसाब से जिस किताब से बच्चों को जनवरी में पढ़ाया जाएगा सिर्फ वही किताब उन्हें स्कूल लाना होगी. इसके साथ ही उन्होंने हर महीने के लिए टेक्स्ट बुक भी बनाई है जिसके पीछे कुछ पेज खाली रखे गए हैं ताकि बच्चों को अलग से कॉपी ना खरीदना पड़े.

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आनंद के इस तरह के अरेंजमेंट से आनंद ने 10 किताबों में पूरे महीने के सिलेबस को अरेंज कर दिया है. जिसके बाद बच्चों के बैग का वजह 2 से 3 किलो तक कम हो गया है. इस शानदार काम के बार जब आनंद से बातचीत की गई तो उन्होंने अपने इस आईडिया के बारे में कुछ बातें बताई. आनंद ने कहा कि उन्हें ये आइडिया उनकी बेटी का स्कूल बैग देखकर आया. वो अपनी बेटी को जब वैन तक छोड़ने गए तो उन्हें लगा कि यार बस्ता तो बहुत भारी है. उस दिन से उन्होंने यह डिसाइड कर लिया था कि वो जल्द ही बच्चों की इस समस्या का हल करेंगे.

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इस काम में उनकी मदद अल्का ने की है जिनके साथ मिलकर आनंद ने यह टेक्स्ट बुक्स बनाई है. आनंद का यह आईडिया ‘गुजरात काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग’ के डायरेक्टर टी. एस जोशी को इतना ज्यादा पसंद आया कि उन्होंने इसे सभी स्कूलों में लागू करने का फैसला कर लिया है. उन्होंने बताया, ‘ये आइडिया बड़े लेवल पर लागू किया जा सकता है… अगर इसके रिजल्ट सही रहे तो.’

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आनंद कुमार का कहना है कि अब स्कूल के बच्चे खुद बैग उठाकर लाते हैं. उनके पेरेंट्स उनका बैग नहीं उठाते. आनंद का आईडिया तो बहुत अच्छा है लेकिन अब देखना यह है कि यह सभी स्कूलों में कब से लागू होता है.

Published by Chanchala Verma on 12 Jan 2019

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