रिसर्च में आया सामने, 90 प्रतिशत पानी की बोतलों में प्लास्टिक के छोटे कण मौजूद

Get Daily Updates In Email

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय पानी की बोतलों की ब्रांडों के कुछ नए विश्लेषण के बाद पीने के पानी में प्लास्टिक के छोटे टुकड़ों की मौजूदगी की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि 90% से अधिक पानी बोतल में प्लास्टिक के छोटे टुकड़े हैं. इससे पहले के अध्ययन में नल के पानी में उच्च स्तर के माइक्रोप्लास्टिक भी पाए गए थे.

courtesy

यह रिसर्च 9 देशों के 19 अलग स्थानों की 11 अलग-अलग ब्रांडों की 259 बोतलों पर किया गया है और हर एक लीटर की पानी की बोतल में औसत 325 प्लास्टिक के छोटे कण पाए गए हैं. रिसर्च के मुताबिक 259 बोतल में से सिर्फ 17 बोतल ही प्लास्टिक से मुक्त थी. State University of New York के साइंटिस्ट ने अपने इस रिसर्च को नल के पानी के रिसर्च से तुलना करते हुए बताया कि प्लास्टिक बोतल के पानी में नल के पानी से दोगुने ज्यादा प्लास्टिक के कण पाए गए.

courtesy

इस रिसर्च के मुताबिक पाया गया कि इन कणों में सबसे ज्यादा पॉलीप्रोपाइलीन (polypropylene) का इस्तेमाल बोतल के ढक्कन बनाने में इस्तेमाल किया जाता है जोकि एक प्रकार का प्लास्टिक होता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस रिसर्च के लिए पानी के बोतलों को अमेरिका, चीन, ब्राजील, भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, लेबनान, केन्या और थाईलैंड से खरीदा गया था.

courtesy

इस रिसर्च में Aqua (Danone), Aquafina (PepsiCo), Bisleri (Bisleri International), Dasani (Coca-Cola), Epura (PepsiCo), Evian (Danone), Gerolsteiner (Gerolsteiner Brunnen), Minalba (Grupo Edson Queiroz), Nestlé Pure Life (Nestlé), San Pellegrino (Nestlé) , Wahaha (Hangzhou Wahaha Group) जैसे ब्रांड की पानी बोतलें ली गई थी.

courtesy

इससे पहले भी कई वाटर बोतल की ब्रांड को इस तरह के आरोपों से गुजरना पड़ा है. बताते चले कि इन पानी कि बोतल में पेस्टिसाइड की मात्र ज्यादा होने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं. इन सब के बाद पानी की बोतल को लेकर भी कई मुहीम चलाई गई थी.

Published by admin on 16 Mar 2018

Related Articles

Latest Articles