निदाहास ट्रॉफी के आखिरी छक्के ने बदली दिनेश कार्तिक की जिंदगी, दर्ज करवाया इतिहास में नाम

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दिनेश कार्तिक अपने 14 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में कभी अपने खेल को लेकर इतने चर्चा में नहीं रहे होंगे जितने आज है. उनका चर्चा में होना लाजमी भी है आखिर उन्होंने एक वर्ल्ड रिकॉर्ड जो कायम कर लिया है. अब कार्तिक ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने टी-20 इंटरनेशनल मैच में आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई है. वो भी तब, जब 5 या इससे ज्यादा रन की आवश्यकता हो. दिनेश कार्तिक की इस साहसिक पारी ने उनका नाम इतिहास में दर्ज करवा दिया है.

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क्रिकेट के इतिहास में ऐसा सिर्फ दो ही बार हुआ है कि किसी टीम ने आखिरी ओवर के आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टूर्नामेंट का फाइनल अपने नाम किया है. इससे पहले यह कारनामा 1986 में पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने शारजाह में भारत के खिलाफ किया था. अब कार्तिक ने 32 साल के बाद इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा दिया है.

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बताते इस निदाहास ट्रॉफी के पांचों मैचों में कार्तिक ने बिना आउट हुए कुल 85 रन बनाए हैं. वो इन पांचो मैच में आउट नहीं हुए हैं. इस टी-20 ट्राई सीरीज में कार्तिक को महेंद्र सिंह धोनी की जगह लाया गया था और धोनी को आराम दिया गया था.

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दिनेश कार्तिक ने 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2004 में वे नियमित विकेटकीपर के तौर पर भारतीय टीम में चुने गए थे लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के उदय के बाद कार्तिक टीम में जगह पक्की नहीं कर पाए. इस मैच के एक दिन पहले ही कार्तिक ने अपने इंटरव्यू के दौरान अपने प्रदर्शन को लेकर कहा था ‘मैं जिस स्थिति में हूं, मेरे लिए हर टूर्नामेंट जरूरी है. एक टूर्नामेंट में भी खराब प्रदर्शन के बाद मुझे टीम बाहर किया जा सकता है इसलिए मेरे लिए यह जरूरी है कि मैं हर टूर्नामेंट में अपने खेल के शीर्ष पर रहूं और जितना बेहतर प्रदर्शन संभव हो उतना करूं.’

Published by admin on 19 Mar 2018

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