डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित ट्वीट मामले में हार्दिक पांड्या ने शेयर किया अपना स्टेटमेंट

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इंडियन क्रिकेट स्टार हार्दिक पांड्या का नाम इन दिनों डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में सामने आ रहा है. इसके बाद हार्दिक पांड्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश की खबर आने के बाद अब खुद हार्दिक की प्रतिक्रिया सामने आई है. हार्दिक पांड्या ने हाल ही में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई भी ट्वीट नहीं किया है.

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हार्दिक पांड्या ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ‘आज ऐसी कई गलत खबरें फैल रही हैं जिनमें ये बताया जा रहा है कि मैंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ अनुचित टिप्पणी की है. लेकिन मैं आपको ये सपष्ट कर दूं कि ना तो ट्विटर, ना ही किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ना ही किसी और मीडिया से मैंने ऐसा कोई बयान दिया है. डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ जो भी ट्वीट किया गया है वो मेरे नाम से चलाए जा रहे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से किया गया है. जिसमें मेरी तस्वीर भी है.’

इसके आगे पांड्या ने कहा, ‘किसी भी तरह का स्टेटमेंट जारी करने के लिए मैं सिर्फ अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल करता हूं. डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारत में रहने वाली विभन्न जातियों के लिए मेरे मन में समान आदर-भाव है और ना ही मैं ऐसा कोई भी बयान दे सकता हूं जिससे किसी भी जाति या समुदाय विशेष की आस्था को ठेस पहुंचे. लोगों को भी इस मामले में जानकारी होनी चाहिए कि ऐसे समय में सोशल मीडिया के माध्यम से गलत तरह की अफवाहें और जानकारियां साझा हो सकती हैं.’

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इसी के साथ हार्दिक पांड्या ने आगे यह भी कहा कि वो इस मामले में माननीय कोर्ट के सामने भी अपना पक्ष रखेंगे. बताते चलें कि जोधपुर की एक अनुसूचित जाति-जनजाति अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

Always find a reason to smile. #spreadlove #keepsmiling 🤗

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यह है मामला –

26 दिसंबर को पांड्या नाम के एक अकाउंट से अंबेडकर का अपमान करने वाला एक ट्वीट शेयर किया था और दलित समुदाय के लोगों की भावनाओं को आहत किया गया था. पांड्या के खिलाफ डी.आर. मेघवाल नाम के याचिकाकर्ता ने याचिका दाखिल की थी. मेघवाल के मुताबिक पांड्या ने ट्वीट किया था, ‘कौन अंबेडकर? वह व्यक्ति जिसने देश के संविधान का ड्राफ्ट तैयार किया या फिर वो जिसने देश को आरक्षण नाम की बीमारी दे दी.’ पांड्या की इस टिप्पणी के खिलाफ मेघवाल ने याचिका दाखिल की थी. जिसमें उन्होंने पांड्या की ऐसी टिप्पणी को संविधान का अपमान बताया है, साथ ही उन्होंने इसे दलित समुदाय की भावनाओं को भी आहत करने वाला बताया है.

Published by Chanchala Verma on 23 Mar 2018

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