स्टीव स्मिथ ने स्वीकारी बॉल टेंपरिंग की बात, आईसीसी का फैसला सुन भड़के हरभजन

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ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ और ओपनर बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट को बॉल टैम्परिंग मामले में दोषी पाया गया है. और इसके साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने स्टीव स्मिथ को एक मैच के लिए सस्पेंड के साथ ही सौ प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना भी लगाया है. जबकि कैमरन बैनक्रॉफ्ट को 3 डीमेरिट पॉइंट्स दिए गए और मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना लगा है. इस मामले की जानकारी खुद आईसीसी ने ट्वीट के माध्यम से दी है.

गौरतलब है कि हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के द्वारा केपटाउन में तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन खेले गए मैच में गेंद के साथ छेड़छाड़ यानि बॉल टेंपरिंग की बात को स्वीकार कर लिया गया है. इस बात के सामने आने के बाद से ही क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है. इस मामले के सामने आने के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की आलोचनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है.

मामले में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल भी दुख जाता चुके हैं. उनका कहना है कि, “विश्वास नहीं हो रहा एक आदर्श टीम ऐसी धोखाधड़ी में शामिल है. मैं हैरान हूं. सीए को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.” इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार के द्वारा स्मिथ को कप्तानी से हटाए जाने की मांग भी की गई है. हालांकि स्मिथ और बेनक्रॉफ्ट यह बात स्वीकारने के साथ ही यह भी कह चुके हैं कि वे आगे से ऐसा नहीं करेंगे.

तो वहीँ इंडियन क्रिकेट टीम से हरभजन सिंह भी आईसीसी पर गुस्सा जाहिर करते हुए नजर आए हैं. हरभजन का कहना है कि, “वाह आईसीसी वाह. अच्छा ट्रीटमेंट और फेयर प्ले. बैनक्रॉफ्ट के खिलाफ सभी सबूत हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया जबकि हम में से 6 खिलाड़ियों को बिना किसी सबूत के साउथ अफ्रीका में ज्यादा अपील करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था.”

बता दें कि साउथ अफ्रीका टेस्ट के दौरान साल 2001 में सचिन तेंडुलकर, वीरेंदर सहवाग, सौरभ गांगुली, शिवसुंदर दास, दीपदास गुप्ता और हरभजन पर मैच रैफरी माइक डेनिस ने विभिन्न अपराधों में एक टेस्ट का प्रतिबंध लगाया था.

Published by Hitesh Songara on 26 Mar 2018

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