‘गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्‍थ गेम्स’ में गुरुराजा पुजारी ने दिलाया भारत को पहला सिल्वर मेडल

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2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्‍थ गेम का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो चुका है. खेल के शुरू होने के बाद ही भारत का खाता भी खुल चुका है. आपको बता दें कि भारत को पहला मेडल वेट लिफ्टिंग में मिला है और यह अवार्ड भारत को दिलवाया है गुरुराजा पुजारी ने. उन्होंने पुरुषों के वेट लिफ्टिंग में 56 किलोग्राम वर्ग में पहला सिल्वर मेडल जीत लिया है. वैसे गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गुरुवार का दिन भारत के लिए काफी अच्छा साबित हुआ क्योंकि खेल की शुरुआत से ही भारत ने अपना पहला पदक हासिल कर लिया.

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इस पहले मेडल के मौके पर पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सेहवाग ने गुरुराज को ट्वीट करते हुए बधाई दी. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि हमें पहला मेडल मिल गया है. कॉमनवेल्थ गेम के पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में गुरुराजा को बधाई दी और कहा कि आप पर मुझे गर्व है. गुरुराजा 25 साल के हैं और उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उन्होंने 249 किलो ( 111 और 138 ) का वजन उठाया.

इस खेल में मलेशिया के तीन बार के चैम्पियन मोहम्मद इजहार अहमद ने खेलों में नया रिकार्ड बनाते हुए 261 किलो ( 117 और 144) वजन उठाकर गोल्ड मेडल हासिल किया. इसमें वे गुरूराजा स्नैच के बाद तीसरे स्थान पर थे जिन्होंने दो प्रयास में 111 किलो वजन उठाया. क्लीन और जर्क में पहले दो प्रयास में वह नाकाम रहे लेकिन आखिरी प्रयास में 138 किलो वजन उठाकर रजत सुनिश्चित किया .

खेल में अहमद ने अपने ही देश के हामिजान अमीरूल इब्राहिम का 116 किलो का स्नैच का रिकार्ड तोड़ा जो उन्होंने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में बनाया था. उन्होंने ओवरऑल रिकार्ड भी तोड़ा जो की इब्राहिम के नाम था. श्रीलंका के लकमल चतुरंगा को कांस्य पदक मिला. गुरुराज की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वे भारतीय वायुसेना के निचली श्रेणी के कर्मचारी हैं. उन्हें यहां तक पहुँचने में काफी मेहनत करनी पड़ी है. उन्हें पिता ट्रक ड्राइवर हैं लेकिन कोच की पैनी नजरों ने उनकी प्रतिभा देखी और इस खेल में उनका पदार्पण कराया.

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बुधवार को शुरू हुए ऑस्ट्रेलिया के क्ववींसलैंड के गोल्ड कोस्ट में आयोजित ओपनिंग सेरेमनी के आखिरी दौर में प्रिंस चार्ल्स के आधिकारिक रूप से ऐलान के साथ ही 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का ऑफिशियली आगाज हो गया है. भारत को पहला पदक तो मिल चुका है लेकिन अब देखना यह है कि आगे कितने पदक देश के नाम होते हैं.

Published by Chanchala Verma on 05 Apr 2018

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