पाकिस्तान की सभी लिस्टेड कंपनियों से भी ज्यादा है अकेली TCS का मार्केट-कैपिटलाइजेशन

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भारत को पाकिस्तान के बीच तकरार को चलती ही रहती है. पाकिस्तान अब भी कई क्षेत्रों में भारत से काफी पीछे है. आपको बता दें कि टाटा ग्रुप की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 100 अरब डॉलर का मार्केट-कैपिटलाइजेशन हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बन गर्इ है. लेकिन आपको यह बात जानकर हैरान रह जाएंगे कि टीसीएस का यह मार्केट-कैपिटलाइजेशन पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का एम-कैप मिलाने बाद भी इसके बराबर नहीं पहुंचता है. आपको बता दें कि टीसीएस का एम-कैप 128 देशों के जीडीपी को पार कर चुका है. साल 2019 के वित्त वर्ष के बजट के अनुसार यह भारत के कुल अनुमानित खर्च का तीसरा हिस्सा है. यह भी बता दें कि आज टीसीएस 100 अरब डॉलर की देश की पहली कंपनी बन गई है.

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बताते चलें कि मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 5.71 फीसदी बढ़कर 6,904 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. कंपनी का 100 अरब का आंकड़ा इसलिए खास है, क्योंकि दुनिया में 128 देशों की जीडीपी भी इससे कम है. इसमें श्रीलंका, एक्वाडोर, स्लोवाकिया, केन्या, लक्जमबर्ग, कोस्टा रिका, बुल्गारिया, बेलारूस और जॉर्डन शामिल हैं. एक अनुमान के अनुसार, सिर्फ 64-65 देशों का जीडीपी 100 अरब डॉलर से ज्यादा है. बता दें कि पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में 559 कंपनियां सूचीबद्ध हैं. जिनकी कुल कीमत 80 अरब डॉलर और पाकिस्तानी रूपए के अनुसार 9,32,589 करोड़ रुपए है. बताते चलें कि टीसीएस का अकेले मूल्य पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट सभी कंपनियों से 25 फीसदी ज्यादा है.

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टीसीएस का एम-कैप भी 6.7 लाख करोड़ रुपए का हो गया है. चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार के बनाए बजट में 24.42 लाख करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है जिस वजह से टीसीएस का मूल्य बजट में सरकारी खर्च का करीब 27 फीसदी है. आपको जानकर हैरानी होगी कि टीसीएस का एम-कैप भारत और जापान के संयुक्त रक्षा बजट के बराबर है. इसके साथ ही यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का एक-चौथार्इ है और 13 अप्रैल तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार 426 करोड़ अरब डॉलर था.

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यह भी बता दें कि टीसीएस इस तरह की 64वीं कंपनी है, जिसने 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया है. इस लिस्ट में 840 अरब डॉलर के साथ एपल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी है.

Published by Chanchala Verma on 24 Apr 2018

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