राष्ट्रपति द्वारा अवार्ड नहीं दिए जाने से नाराज 65 विजेता नहीं पहुंचे अपना नेशनल अवार्ड लेने

Get Daily Updates In Email

कल यानि 3 मई को नेशनल अवार्ड का आयोजन किया गया था. जहाँ 167 विजेताओं  को सम्मानित किया जाना था. नेशनल फिल्म अवार्ड  फीचर फिल्म, गैर फीचर फिल्म और सिनेमा में श्रेष्ठ लेखन के लिए दिया जाता हैं. यह पुरस्कार राष्ट्रपति अपने हाथों से देते हैं. कल इस अवार्ड का 65वां साल था.

इस समारोह में 167 विजेताओं को पुरस्कार लेने पहुंचना था लेकिन इसमें से 65 विजेता पुरस्कार लेने पहुंचे ही नहीं थे. ये विजेता राष्ट्रपति के पुरस्कार ना देने से नाराज़ थे. हर साल ये पुरस्कार राष्ट्रपति अपने हाथों से देते हैं पर इस साल राष्ट्रपति कोविंद के बिजी शेड्यूल के चलते वो सिर्फ 11 विजेताओं को ही पुरस्कार दे पाए थे. बचे हुए विजेताओं को राष्ट्रपति की जगह सुचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी, सुचना प्रसारण (राज्य मंत्री) राजवर्धन सिंह राठौर और सुचना प्रसारण सेक्रेटरी नरेंद्र सिन्हा कुमार ने पुरस्कार दिए थे.  इस बात से नाराज़ विजेताओं ने कहा है कि वो बहुत अपमानित महसूस कर रहे हैं.

राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक कहते है कि ‘शुरू से ही यही प्रोटोकॉल चला आ रहा है कि राष्ट्रपति तमाम अवार्ड फंक्शन्स और दीक्षांत समारोह में ज्यादा से ज्यादा एक घंटा ही रुकेंगे. इस बात की सूचना पहले ही सुचना और प्रसारण मंत्री को दे दी गई थी.

बता दें कि इस समारोह में दिवंगत  एक्टर विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के अवार्ड मिला था जिसको लेने उनकी पत्नी कविता खन्ना और बेटे अक्षय खन्ना पहुंचे थे.

फिल्म ‘न्यूटन’ को बेस्ट हिंदी फिल्म का अवार्ड दिया गया था. वहीं इस फिल्म में एक्टिंग के लिए पंकज त्रिपाठी को स्पेशल मेंशन अवार्ड से नवाज़ा गया था.

बेस्ट एक्ट्रेस के लिए दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी को चुना गया था. इस अवार्ड को लेने उनकी दोनों बेटियां जाह्नवी कपूर और ख़ुशी कपूर के साथ ही उनके पति बोनी कपूर भी पहुंचे थे.

बैस्ट एक्शन डायरेक्टर का अवार्ड ‘बाहुबली 2’ को दिया गया था. वहीं बेस्ट कोरियोग्राफर का अवार्ड गणेश आचार्य को गाने ‘गौरी तू लट्ठ मार’ के लिए मिला था. इसके अलावा भी कई विजेताओं को अवार्ड मिले थे.

Published by admin on 04 May 2018

Related Articles

Latest Articles