एक मिसाल: बच्चे की शिकायत से भावुक हुए IPS अफसर, ड्यूटी से समय निकालकर पढ़ा रहे गरीब बच्चों को

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आजकल जब बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए भेजा जाता है तो वो रोते हैं. पर शिक्षा का महत्व तो वो बच्चा अच्छी तरह से जानता है जो अपनी गरीबी के कारण स्कूल नहीं जा पाता है. ऐसे में कई लोगों को इनकी मदद करते हुए देखते हैं. सरकार भी ऐसे बच्चो को गवर्नमेंट स्कूलों में दाखिला दिलाती है और मिड डे मील भी प्रोवाइड करती है. पर ज्यादातर देखा जाता है कि इन स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है.

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ऐसे में एक आईपीएस अफसर हैं वो समाज में मिसाल पेश कर रहे हैं. जहाँ सरकारी अफसर अपना खुद का काम अच्छी तरह नहीं करते वहीं ये आईपीएस अफसर अपनी ड्यूटी के बाद समय निकलकर बच्चों को भी पढ़ाते है. पटना के रहने वाले संतोष कुमार मिश्रा 2012 बैच के आईपीएस अफसर हैं. जो अभी उत्तर प्रदेश के आंबेडकर शहर में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. उनके पिता आर्मी से रिटायर हो चुके हैं वहीं उनकी माता घर संभालती हैं.

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संतोष ने अपनी स्कूली शिक्षा बिहार में ही ली थी जिसके बाद वो इंजीनियरिंग करने पुणे चले गए थे. अपनी इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद संतोष को न्यूयॉर्क में जॉब मिल गई थी. संतोष ने 4 साल तक न्यूयॉर्क में काम किया जहाँ वो 50 लाख रुपए सालाना कमाते थे. इतनी अच्छी नौकरी होने के बावजूद 2011 में संतोष वापस अपने देश आ गए थे. यहाँ आकर उन्होंने सिविल सर्विसेज की एग्जाम दी थी जिसमें वो पहली ही बार में सफल भी हो गए .

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जब संतोष अमरोह में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे तब एक छोटा बच्चा उनके पास शिकायत लेकर आया कि मेरा दोस्त पिछले 15 दिनों से स्कूल नहीं आ रह है. संतोष ने उस बच्चे के बारे में जांच की तो उन्हें पता चला कि उस बच्चे की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और अब वो अपने पिता की मिठाई की दुकान में उनका हाथ बंटा रहा है. यह जानकार संतोष बहुत भावुक हो गए और उन्होंने प्राईमरी स्कूल में जाकर पढ़ाना शुरू कर दिया.

Published by admin on 07 May 2018

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