बांग्लादेश के शरणार्थियों से मिलीं प्रियंका, फोटोज को लेकर हुईं ट्रोल

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प्रिंस हैरी और मेगन मार्कन की शादी के बाद प्रियंका चोपड़ा यूनिसेफ़ की एक इवेंट के लिए रोहिंग्या मुसलमानों के बांग्लादेश स्थित शरणार्थी कैंप का दौरा करने पहुंची थीं. इस दौरान प्रियंका शरणार्थियों से मिलने के बाद इमोशनल होती नजर आईं. एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से इस दौरे की तस्वीरे शेयर करते हुए लोगों से इस मुद्दे पर विचार करने के लिए कहा है. इन फोटोज के साथ प्रियंका ने लिखा है- ”मैं आज कोक्स बाज़ार, बांग्लादेश में यूनिसेफ़ की ओर दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप का दौरा कर रही हूं.”

Across the river is Myanmar(Burma.) It’s empty now, but a few months ago this area, known as “Sabrang,” was filled with hundreds of thousands of Rohingya refugees fleeing Myanmar. Their trip here was filled with many hardships and tremendous danger. Many of them made their journey on foot, walking for days through the hills, then floating across the Naf River or the Bay of Bengal on make shift boats…many of them injured, pregnant, elderly, etc. Their ordeal didn’t end here…after entering Bangladesh, they would often have to wait for days, sleeping in the open fields with no food or water, for aid workers to reach them. For a lot of the Rohingya children, this ordeal will leave them scarred, physically and emotionally, for the rest of their lives. With your help, maybe these children can have a chance at a future…because right now, their future is bleak. The world needs to care. We need to care. Please lend your support at www.supportunicef.org #ChildrenUprooted @unicef @unicefbangladesh

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आगे प्रियंका ने लिखा- ”2017 के उत्तरार्द्ध में, दुनिया ने म्यांमार (बर्मा) की रखाइन स्टेट की तरफ़ से की गयी एथनिक क्लीनज़िंग की भयावह तस्वीरें देखी थीं. इस हिंसा ने क़रीब सात लाख रोहिंग्या को सीमा पार करके बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर कर दिया, जिनमें से 60 फीसदी बच्चे हैं. कई महीने बाद वे आज भी असुरक्षित हैं. ऐसे शिविरों में रह रहे हैं, जहां पांव रखने की जगह नहीं है. उन्हें नहीं पता कि वे कहां जाएंगे या वे कहां के कहलाएंगे.”

I’m in Cox’s Bazar, Bangladesh today for a field visit with UNICEF, to one of the largest refugee camps in the world. In the second half of 2017, the world saw horrific images of ethnic cleansing from the Rakhine State of Myanmar(Burma). This violence drove nearly 700,000 Rohingya across the border into Bangladesh – 60% are children! Many months later they are still highly vulnerable, living in overcrowded camps with no idea when or where they will ever belong…even worse, when they will get their next meal. AND…as they finally start to settle and feel a sense of safety, monsoon season looms…threatening to destroy all that they’ve built so far. This is an entire generation of children that have no future in sight. Through their smiles I could see the vacancy in their eyes. These children are at the forefront of this humanitarian crisis, and they desperately need our help. The world needs to care. We need to care. These kids are our future. Pls Lend your support at www.supportunicef.org #ChildrenUprooted @unicef @unicefbangladesh Credit: @briansokol @hhhtravels

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रोहिंग्या शरणार्थियों की बदहाली और अनिश्चितता को लेकर प्रियंका ने लिखा- ”इससे भी बुरा ये है कि उन्हें नहीं पता, अगली बार खाना कब मिलेगा और जब तक उनके जीवन में थोड़ा ठहराव आएगा. बरसात का मौसम शुरू होने वाला है. अब तक जो कुछ उन्होंने बनाया है, वो सब नष्ट हो जाएगा. ये बच्चों की पूरी पीढ़ी है, जिसका कोई भविष्य नहीं है. उनके चेहरों पर मुस्कान है, मगर मैं उनमें सूनापन देख सकती हूं. इस इंसानी संकट की अग्रिम पंक्ति में ये बच्चे ही खड़े हैं, जिन्हें मदद की सख़्त ज़रूरत है. दुनिया को परवाह करने की ज़रूरत है. हमें परवाह करने की ज़रूरत है. ये बच्चे ही भविष्य हैं.” इसके साथ ही उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद के लिए यूनिसेफ़ वेबसाइट का लिंक भी शेयर की है.

#Regram from #UNICEF Goodwill Ambassador @priyankachopra: Across the river is Myanmar(Burma). It’s empty now, but a few months ago this area, known as “Sabrang,” was filled with hundreds of thousands of #Rohingya #refugees fleeing Myanmar. Their trip here was filled with many hardships and tremendous danger. Many of them made their journey on foot, walking for days through the hills, then floating across the Naf River or the Bay of Bengal on make shift boats…many of them injured, pregnant, elderly, etc. Their ordeal didn’t end here…after entering Bangladesh, they would often have to wait for days, sleeping in the open fields with no food or water, for aid workers to reach them. For a lot of the Rohingya children, this ordeal will leave them scarred, physically and emotionally, for the rest of their lives. With your help, maybe these children can have a chance at a future…because right now, their future is bleak. The world needs to care. We need to care. Please lend your support at www.supportunicef.org #ChildrenUprooted

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प्रियंका के इन फोटोज को लेकर वह ट्रोल भी हो रही हैं. यूजर्स तरह तरह के कमेन्ट उनके फोटोज पर कर रहे हैं. सवाल पूछते हुए एक यूजर्स ने कहा, ‘क्या कभी वे कश्मीरी पंडितों के बीच भी गई हैं?’ एक यूजर ने तो यहां तक लिखा कि, “कभी कश्मीरी पंडितों के बारे में भी सोचना…वो तो अपने देश के थे.”

तो वहीं दूसरी तरफ एक यूजर ने उन्हें यह सलाह दी कि कभी उन्हें देश के अंदर झांककर भी देखना चाहिए क्योंकि गरीबी यहां भी कम नहीं है. एक अन्य यूजर ने लिखता है, ” इंडिया से कमाते हो और दूसरे देशों में बांटते हो.”

प्रियंका को एक यूजर ने सलाह दी कि प्रियंका को पाकिस्तान भी जाना चाहिए, वहां हिंदू नरक की जिंदगी जी रहे हैं वे सलाखों के पीछे नहीं हैं, लेकिन कैदियों की तरह रहने को मजबूर हैं.”

सवाल करते हुए एक यूजर ने प्रियंका से कहा कि वे कितने रोहिंग्या बच्चों को गोद ले रही हैं. तो वहीं, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे प्रियंका का पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए चैलेंज दिया है कि असली चैरिटी तो तब होगी,जब वे किसी रोहिंग्या से शादी कर लेंगी.

Published by Chanchala Verma on 23 May 2018

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