भूखे लोगों का पेट भरने के लिए अंकित कावत्रा ने शुरू किया फीडिंग इंडिया NGO, जुड़ चुके हैं 300 लोग

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भारत में कई तरह की असमानताएं हैं यह तो हम सब जानते ही हैं. हमारे देश में कई लोग ऐसे हैं जो रोज या आए दिन 5 स्टार होटल्स में खाना खाते हैं तो वहीं दूसरी और कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें दो समय का खाना तक मिल पाना मुश्किल है. लेकिन आपको यह भी बता दें कि ऐसे लोगों की मदद के लिए देश में कई तरह की संस्थाएं भी चलाई जा रही हैं. ऐसी ही एक संस्था दिल्ली में भी है जिसका नाम है फीडिंग इंडिया.

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जी हां, भूखों को खाना खिलाने के लिए फीडिंग इंडिया जैसे एनजीओ की स्थापना की गई है. जिसके कोफाउंडर अंकित कावत्रा है. यह संस्था दिल्ली में कार्यरत है. इस एनजीओ ने हाल ही में दिल्ली में एक ई-व्हीकल लॉन्च किया है. जिससे बड़े-बड़े होटलों, रेस्टोरेंट्स, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स और मैरिज हॉल से बचा हुआ खाना इकट्टा कर गरीबों को खिलाया जाता है.

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बता दें इसे विश्व भुखमरी दिवस पर लॉन्च किया गया था, जिसका नाम ‘दिल्ली की जान’ रखा गया है. इसे सबसे पहले कनॉट प्लेस स्थित शेल्टर बाल सहयोग जो कि दिल्ली सरकार द्वारा चलाया जाता है से रवाना किया गया था. इस मौके पर शेल्टर के करीब 130 बच्चों को ब्रेकफास्ट और लंच करवाया गया.

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फीडिंग इंडिया की कॉ-फाउंडर सृष्टि जैन ने इस तरह के शेल्टर्स के सामने आने वाली परेशानियों या चलेंजेस के बारे में बात करते हुए कहा, ‘आमतौर पर बचे हुए खाने को कैब या निजी वाहन से ले जाया जाता है. लेकिन कई बार खाना इतना ज्यादा होता है कि उसे लाना मुश्किल हो जाता है. शादी के दिनों में अक्सर ऐसा होता है.’

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बता दें फीडिंग इंडिया की शुरुआत साल 2012 में की गई थी. इस संगठन से अब तक 300 से भी ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. जोकि बचे हुए खाने को बचाने में मदद करते हैं. शेल्टर्स में ज्यादातर लोग बेसहारा, गरीब, विकलांग और बच्चे होते हैं. बताते चलें इस ई-व्हीकल को एलानप्रो ने डोनेट किया है. इसमें 9,000 लीटर का फ्रिज वाला स्टोरेज बॉक्स लगा हुआ है जिसकी मदद से खाना लाना काफी आसान हो जाता है. फीडिंग इंडिया का लक्ष्य रोजाना कम से कम 800 भूखे लोगों को पेट भर भोजन करवाना है.

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फ़िलहाल यह दक्षिणी दिल्ली में ही उपलब्ध है लेकिन इसे और भी इलाकों तक ले जाने का लक्ष्य फीडिंग इंडिया का है. खाने से जुड़े बिजनेस को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हंग्री फॉरएवर के अनुसार बहुत जल्द ही यह वाहन एनसीआर के कई अन्य इलाकों में भी उपलब्ध रहेगा.

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एक इंटरव्यू में फीडिंग इंडिया के को- फाउंडर अंकित कावत्रा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह पहल सुनिश्चित करेगी कि राजधानी में कोई गरीब भूखे न सोए. यह भी बता दें कि अंकित को अपने इस प्रशंसनीय काम के लिए साल 2017 में यंग लीडर्स अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है.

Published by Chanchala Verma on 06 Jun 2018

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