‘ह्यूमन ऑफ़ बॉम्बे’ से जोया ने शेयर की आपबीती, बताया 27 की उम्र में मिले पैनिक अटैक के बारे में

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बॉलीवुड की जानी-मानी फिल्म निर्देशक जोया अख्तर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के अहम पहलुवों पर खुलकर बात की है. इस इंटरव्यू में अपने उस दौर के बारे में बताया जब उन्हें पैनिक अटैक आते थे. इस फेसबुक पोस्ट में जोया ने घबराहट के दौरे और इससे उबरने के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पैनिक अटैक अचानक पैदा होने वाले तीव्र भय या घबराहट के हमले को कहते हैं.

“Pieces of my life, no matter how scattered, are being stitched together and reflect in my work. The biggest piece is…

Gepostet von Humans of Bombay am Dienstag, 12. Juni 2018

ऐसे दौरे ज्यादातर छोटे अवधि या कम समय के लिए होते हैं. पहली बार के अटैक में दिल के दौरे या तंत्रिका अवरोध (नर्वस ब्रेकडाउन) का डर रहता है. इस दौरान व्यक्ति को पूरे शरीर में सुन्नता, एकाकीपन का अनुभव हो सकता है, सांस लेने में तकलीफ, दम घुटने जैसा लगना या अपने ऊपर नियंत्रण खोने जैसा महसूस हो सकता है.

बताते चलें जोया अख्तर जाने-माने लेखक और कवि जावेद अख्तर और फिल्म एक्ट्रेस और स्किप्ट राइटर हनी ईरानी की बेटी हैं. जोया ने अपनी जिंदगी से जुड़ी सभी बातें ‘ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे’ नाम के फेसबुक पेज को दिए इंटरव्यू में बताई हैं. बात करें इस फेसबुक पेज की तो यह ग्रुप है जो लोगों की रोजमर्रा की कहानियों को सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं.

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जोया ने आगे बताया, ’27 की उम्र में घबराहट के दौरे आना मेरी सबसे बड़ी चुनौती थी. यह ऐसा नहीं था जिसे आप अनदेखा कर सकते थे. आप बेफिक्र होकर चैन से बैठ नहीं सकते और आप मानसिक विकार के दलदल में फंसते चले जाते हैं. मैंने इसके लिए तुरंत मदद ली. चीजों को सही होने में थोड़ा वक्त लगा लेकिन अब मैं पहले से ठीक हूं.’

इस लम्बे चौड़े पोस्ट में जोया ने अपने भाई फरहान अख्तर समेत पूरे परिवार के बारे में बात की है. जोया अपने फ़िल्मी करियर में ‘ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा’ और ‘दिल धड़कने दो’ जैसी फिल्मों को डायरेक्ट कर चुकी हैं.

Published by admin on 14 Jun 2018

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