इलाज के लिए लंदन जाने से पहले शाहरुख़ खान ने दी थी उन्हें अपने घर की चाबियां

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बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर इरफ़ान खान ने कुछ महीनों पहले अपने फैंस को सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी थी कि वो न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से लड़ रहे हैं. वो पिछले तीन महीने से इस बीमारी से जूझ रहे हैं. तीन महीने से इरफान लंदन में अपना इलाज कर रहे हैं. ऐसे समय में बॉलीवुड का हर एक्टर इरफान की मदद और उनके जल्दी ठीक होने की दुआ मांग रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं इंडस्ट्री के एक एक्टर ने इरफ़ान और उनके परिवार की ऐसे कठिन समय में बहुत मदद की है. आप सोच रहे होंगे कि वो एक्टर आखिर हैं कौन और उन्होंने इरफ़ान की क्या मदद की है? चलिए हम आपको सब बताते हैं.

इरफ़ान की मदद करने वाले एक्टर कोई और नहींबल्कि हमारी इंडस्ट्री के किंग खान यानी शाहरुख़ ही हैं. शाहरुख़ ने जो उनके लिए किया वो बहुत ही कम लोग किसी के लिए कर पाते हैं. दरअसल ईलाज कराने के लिए लंदन जाने से पहले इरफान की पत्नी सुतापा ने शाहरुख खान को फोन किया और उन्हें बताया कि इरफान उनसे लंदन जाने के पहले मिलना चाहते हैं. सुतापा ने शाहरुख को अपने मुंबई स्थित मड आईलैंड घर पर इरफ़ान से मिलने बुलाया था. शाहरुख़ उस समय मेहबूब स्टुडिओ में शूट कर रहे थे.

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इरफान के घर से कुछ ही दूरी पर मेहबूब स्टूडियो है. शाहरुख़ फ़ोन करने के बाद कुछ ही देर में उनसे मिलने घर पहुंच गए. दोनों करीब दो घंटे तक साथ में रहे और इस दौरान शाहरुख ने ना केवल इरफान की हिम्मत बढ़ाई बल्कि शाहरुख़ ने उन्हें अपने लंदन वाले घर की चाबी भी दी. किंग खान के काफी जोर देने के बाद इरफान ने उनके घर की चाबियां स्वीकार कर ली थी. शाहरुख खान का ऐसा मानना था कि इरफान का परिवार उनके घर पर बिलकुल अपना घर जैसा महसूस कर सकेंगे. आपको बता दें इरफान शाहरुख एक-दूसरे के काफी करीब हैं.

#IrfanKhan pens down a heartbreaking open letter from the hospital: “It’s been quite some time now since I have been diagnosed with a high-grade neuroendocrine cancer. This new name in my vocabulary, I got to know, was rare, and due to fewer study cases, and less information comparatively, the unpredictability of the treatment was more. I was part of a trial-and-error game. I had been in a different game, I was travelling on a speedy train ride, had dreams, plans, aspirations, goals. The suddenness made me realise how you are just a cork floating in the ocean with UNPREDICTABLE currents! And you are desperately trying to control it. As I was entering the hospital, drained, exhausted, listless, I hardly realised my hospital was on the opposite side of Lord’s, the stadium. The Mecca of my childhood dream. Amidst the pain, I saw a poster of a smiling Vivian Richards. Nothing happened, as if that world didn’t ever belong to me. Between the game of life and the game of death, there is just a road. The only thing certain was the uncertainty. All I could do was to realise my strength and play my game better. This realisation made me submit, surrender and trust, irrespective of the outcome, irrespective of where this takes me, eight months from now, or four months from now, or two years. The concerns took a back seat and started to fade and kind of went out of my mindspace.For the first time, I felt what 'freedom' truly means. It felt like an accomplishment. As if I was tasting life for the first time, the magical side of it. It’s germinating – sometimes a bud, a leaf, a twig, a shoot. I keep relishing and looking at it. Each flower, each twig, each leaf which has come from the cumulative prayers, each fills me with wonder, happiness and curiosity. A realisation that the cork doesn’t need to control the current. That you are being gently rocked in the cradle of nature.” Praying for his speedy recovery 🙏🏻❣️ p.c @sundaytimes

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अब इरफ़ान के फैंस के लिए खुशखबरी है कि उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है और अब वो धीरे-धीरे रिकवर हो रहे हैं और इस साल के अंत तक वो इंडिया भी वापस आ सकते हैं.

Published by admin on 23 Jun 2018

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