संजय दत्त का बहुत बड़ा फैन है संदीप, अपने ऑटो में यात्रियों को देता है हर छोटी से छोटी सुविधा

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अगर आप मुंबई की सड़कों पर घूमते हो तो संदीप बच्चे के ऑटो रिक्शा को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते. हर तरह की छोटी-मोटी सुविधा से लैस संदीप बच्चा ऑटो रिक्शा को आप दूर से ही पहचान सकते हैं. यह संदीप बच्चा की शान है. संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ की रिलीजिंग पर संदीप और ऑटो बांद्रा के गेटी गैलेक्सी के सामने मौजूद रहेगा. जहां वो ‘संजू’ के फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने के लिए मौजूद रहेंगे. संदीप ने बताया कि वह वहां सबको जानते हैं और उन्हें स्पेशल पार्किंग भी मिलने वाला है.

2016 में जब संजय दत्त जेल से बाहर निकले थे वो संदीप के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए थे. दरअसल संदीप संजू के जेल से बाहर निकलने की कामना करते हुए साढ़े 3 साल तक नंगे पैर ही रहे हैं. पुणे के यरवदा जेल से बाहर निकलते ही संजय ने अपने अजीज फैन को अपने से मिलने के लिए अपने घर बुलाया था. इस बारे में संदीप ने कहा, ‘मैं इतना एक्साइटेड था कि पूरी रात सो भी न सका. जब मैं उनके जेल से बाहर निकलने के बाद उनके घर उनसे मिलने पहुंचा तो उन्होंने मुझसे मेरी फैमिली के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि तुम अपनी फैमिली को वक्त क्यों नहीं देते? यह सब करने की तुम्हें जरूरत नहीं. लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं उनका फैन हूं और यह सब मैंने उनके जेल से बाहर निकलने के लिए किया.’

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वहीं संजय दत्त भी सनीप से हैरान थे वो जिस अंदाज में रहते थे और दूसरों के लिए मदद करते हैं. संदीप बताते हैं, ‘मैं कैंसर के मरीजों के लिए काम करता हूं और हर रविवार मैं उन्हें और उनके सगे-सम्बंधियों को खाने-पीने का सामान या कुछ छोटा-मोटा सामान देने की कोशिश करता हूं. मेरी जितनी भी क्षमता है उस मुताबिक मैं जो कर सकता हूं करता हूं. यहां कई और भी ऐसे लोग हैं जो जरूरतमंदों को यह सब देते हैं. मैं कपड़े, बर्तन, ग्रॉसरी आदि लोगों से इकट्ठा करता हूं और जरूरतमंदों को देता हूं.’ संदीप के इस नेक काम से संजय काफी प्रभावित थे और आगे भी इसी तरह मदद करते रहने के लिए प्रोत्साहित भी किया.

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संदीप बताते हैं कि उन्हें इस सोशल वर्क के लिए संजय दत्त ने ही प्रोत्साहित किया है. संदीप ने कहा, ‘तब मेरी मां काफी बीमार थीं और हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था. उस वक्त बाबा ने कुछ महीनों तक आर्थिक मदद की. हो सकता है उन्हें याद भी न हो, क्योंकि उनकी फैमिली और वह खुद ढेर सारे चैरिटी के लिए काम करते हैं. जिस समय मुझे जरूरत थी, मेरी मदद कर वह हमेशा के लिए मेरे दिल और यादों में बस गए.’

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संदीप का ऑटो एक कॉम्पैक्ट वैन की तरह दिखता है और वाई-फाई से लेकर टेलिफोन, गर्म चाय, अखबार तक सब कुछ मौजूद रहता है. संदीप फीमेल यात्रियों के लिए उनकी गाड़ी में कुछ बेसिक कॉस्मेटिक्स और आइना वगैरह भी रखते हैं. दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले संदीप सीनियर सिटिजन और जरूरतमंदों को फ्री में भी यात्रा करवाते हैं. किसी भी हाल में बुजुर्गों से वह 10 रुपए लेते हैं, जिसका रेग्लयूलर चार्ज 18 रुपए होता है. संदीप चाहते हैं कि मुंबई में इस तरह के ऑटोरिक्शा की एक चेन हो.

Published by admin on 24 Jun 2018

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