सोशल मीडिया के जरिए लोगों ने की फिल्म ‘धड़क’ की आलोचना, कहा- ‘बगैर हाथ पैर का एंड’

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बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की फिल्म ‘धड़क’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 8.71 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है. आम लोगों के साथ ही कई सेलिब्रिटीज ने ही दोनों स्टार्स की तारीफ की है. ऐसे में अब फिल्म देखने के बाद पब्लिक ने अपने रिएक्शन देना शुरू कर दिए हैं. लोग सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े अपने एंगल भी शेयर कर रहे हैं. किसी को फिल्म बहुत पसंद आई है तो कोई फिल्म की आलोचना कर रहा है.

इन लोगों में ही भोपाल के आयुर्वेदिक डॉक्टर अबरार मुल्तानी का भी शामिल हैं. उनको यह फिल्म बिलकुल भी पसंद नहीं आई है. डॉक्टर अबरार मुल्तानी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा है कि, ‘हॉल में लोग तब हंस रहे थे जब ईशान खट्टर रो रहा था. फिल्म में दोनों (मधुकर-पार्थवी) का बच्चा एक बार भी हंसता हुआ नजर नहीं आया. इससे पता चलता है कि चाइल्ड साइकोलॉजी की डायरेक्टर को रत्तीभर समझ नहीं है.

बावड़ी को तालाब बोल रहे थे मतलब आपको राजस्थान के कल्चर का भी कोई ज्ञान नहीं है. राजस्थानी भाषा को जबरन थोपा गया है, क्योंकि उदयपुर में इतनी राजस्थानी कोई नहीं बोलता. इसकी शिक्षा दंगल से ली जा सकती है. एंड में ईशान और उसके बेटे को मार दिया जाता है, बस इसी वक्त पब्लिक सबसे ज्यादा हंसती है, क्योंकि बगैर हाथ पैर का एंड हो जाता है.’

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इसके अलावा भी कई लोगों ने फिल्म की आलोचना की है. एक फेसबुक यूजर तैय्यब पटेल ने तो लिखा है कि, ‘जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘धड़क’ शायद उन दर्शकों को पसंद आए जिन्हें मराठी फिल्म ‘सैराट’ के बारे में कुछ भी नहीं पता. धड़क अपनी मूल कृति से काफी पीछे रह गई. सैराट का मतलब जुनूनी, जंगली, अनपढ़, पगलाया हुआ होता है. यही इस फिल्म की आत्मा थी जिसे मराठी में एक अति साधारण शक्ल सूरत की दसवीं क्लास की छात्रा रिंकू राजगुरू ने जीवंत किया था. पर्दे पर रिंकू की दबंगई देखते बनती थी, लेकिन जाह्नवी कपूर में उस दर्जे के जुनून का अभाव दिखता है.’

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इस तरह से कई लोग फिल्म की आलोचना कर रहे हैं. कोई फेसबुक के जारी अपनी राय दे रहा है तो कोई ट्विटर के जारीए फिल्म के बारे में कह रहा है.

Published by admin on 23 Jul 2018

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