मेरी मां दिल की बहुत अच्छी थीं, मेरी भी कोशिश उनकी तरह बनने की है : प्रतीक बब्बर

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हाल ही में ऋषि कपूर, तापसी पन्नू की फिल्म ‘मुल्क’ रिलीज़ हो चुकी है. इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर राज बब्बर और दिवंगत एक्ट्रेस स्मिता पाटिल के बेटे प्रतीक बब्बर भी नजर आ रहे हैं. प्रतीक बब्बर आखिरी बार फिल्म ‘बागी 2’ में नजर आए थे. प्रतीक के बारे में यह बात सभी लोग जानते हैं कि उन्हें 12 साल की उम्र में ही ड्रग्स की लत ने घेर लिया था. उनकी इस लत से छुटकारा पाने के लिए उन्हें दो बार रिहैब सेंटर में भेजा गया था. जिसके बात अब वे इस लत से बाहर आ चुके हैं.

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अपनी ड्रग्स के लत को लेकर एक्टर का कहना है कि इसके पीछे वजह की वजह उनके अंदर का गुस्सा है और यह गुस्सा उन्हें अपनी मां से न मिल पाने के दु:ख और पिता से बढ़ती दूरी के कारण हुआ था. हाल ही में ‘मुल्क’ के प्रमोशन के दौरान प्रतीक बब्बर ने कहा, ‘मैं मरने की कगार पर था. ड्रग्स अडिक्शन ने मुझे लगभग मार दिया था. मेरी नानी, जो मेरी मां जैसी थीं, की इसी चिंता में मौत हो गई कि में एक ड्रग अडिक्टेड हूं.’

आगे उन्होंने बताया कि, ‘उनकी मौत से मुझे गहरा सदमा लगा. मेरी नानी और नाना, दोनों ने मुझे बचपन से ही पाला था. आज मेरे दोस्त हैं, मेरे पिता हैं, मेरे भाई हैं लेकिन वो दोनों नहीं हैं. मैंने अपने आप से वादा किया है, उनके लिए मैं मरते दम तक कभी ड्रग्स को हाथ नहीं लगाऊंगा.’

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ड्रग्स लेने की लत के बारे में खुद ही प्रतिक बब्बर ने कहा, ‘ड्रग्स के साथ मेरे संघर्ष की कहानी 12 साल की उम्र से शुरू हुई थी. मेरे दिमाग़ में आवाज़ें कौंधती थीं कि मेरी मां कौन थी? होंगी वो बहुत कामयाब लेकिन मेरे साथ क्यों नहीं हैं, क्यों मैं अपने नाना-नानी के साथ रहता हूं? क्यों मेरे पिता मेरे साथ नहीं रहते? क्यों उनके पास मेरे लिए वक़्त नहीं है? पिताजी मिलने आते थे लेकिन मेरे साथ नहीं रहते थे. मेरे पिता मेरे हीरो हैं लेकिन वो एक अभिनेता होने के साथ-साथ नेता भी थे, जिसके चलते वो हमेशा व्यस्त रहते थे.’

आगे प्रतीक ने कहा, ‘उनके पास मेरी बात सुनने का वक़्त नहीं था. पिता का मुझसे दूर रहना मेरे गुस्से का कारण भी था. सब लोग मुझे मेरी मां की क़ामयाबी के बारे में बताते थे लेकिन मुझे उससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता था. मैं अक्सर अपने नाना-नानी से लड़ता था. उन पर गुस्सा करता था और कहता था मुझे इस बात से कोई लेना-देना नहीं कि वो कितनी कामयाब थीं, मुझे बस इस बात से फ़र्क पड़ता था कि वो मेरे साथ क्यों नहीं है. मैं बचपन में कई बार घर छोड़कर चला जाया करता था.’

वे कहते हैं, ‘इन सबके चलते पहली बार 12 साल की उम्र से ड्रग्स लेना शुरू किया. 15 साल की उम्र में रिहैब सेंटर गया और एक साल बाद वापस लौटा. लेकिन ड्रग्स की लत इतनी थी कि वो फिर मैंने ड्रग्स लेना शुरू कर दिया.’ वे कहते हैं कि वो बिना ड्रग्स के रह नहीं पाते थे. वो अपनी ज़िंदगी को अंधेरे में पाते थे, लेकिन आज वो बदल गए हैं और अब वो अपने काम के प्रति बहुत संजीदा हैं.

अपनी मां के बारे में बात करते हुए वे कहते हैं, ‘सभी बताते हैं कि मां दिल की बहुत अच्छी थी. सबसे ख़ुश होकर मिला करती थी. कई लोगों के दिलों में उन्होंने अपनी जगह बनाई हुई है. मेरी भी कोशिश रहेगी उनकी तरह बनने की.’

बात करें प्रतीक बब्बर के फ़िल्मी करियर की तो साल 2008 में उन्होंने ‘जाने तू या जाने न’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था. इसके बाद वे फिल्म ‘धोबी घाट’ में भी नज़र आए थे. इन फिल्मों के बाद वे प्रकाश झा की फिल्म ‘आरक्षण’ में लीड रोल में नजर आए थे.

 

 

 

 

Published by Chanchala Verma on 04 Aug 2018

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