स्वतंत्रता दिवस: भारत के साथ तीन देश और मनाते हैं इसी दिन अपने देश का आज़ादी दिवस

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15 अगस्त 1947, यह दिन भारतवर्ष के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है. इसी दिन भारत को अंग्रेजी शासन से आज़ादी मिली थी. लगभग 190 सालों की गुलामी के बाद अंग्रेजो ने भारत को आज़ाद किया था. भारत के राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आन्दोलन के बदौलत अंग्रेजो ने भारत को एक साल पहले आज़ाद किया था. वरना अंग्रेज भारत को एक साल बाद यानी 1948 को आज़ाद करना चाहते था. भारत में आज़ादी की जंग बहुत पहले से यानी वर्ष 1930 से ही शुरू हो गई थी.

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1929 लाहौर सत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य की घोषणा की थी और भारत की आज़ादी की घोषणा का प्रचार किया था. कांग्रेस के लोगों ने भारत के नागरिकों को कांग्रेस के दिए आदेशों का पालन करने और सविनय अवज्ञा के लिए स्वयं प्रतिज्ञा करने के लिए कहा था. इस तरह के आयोजन से भारत के नागरिकों में आज़ादी के लिए एक नया जोश और उत्साह जगा था. और स्वंतत्रता देने के लिए ब्रिटिश सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया था.

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बात दें कि भारत के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के साथ ही तीन देश और भी अपना स्वतंत्रता दिवस भी मनाते हैं. दक्षिण कोरिया, बहरीन और कांगो ये वो तीन देश हैं जो 15 अगस्त को ही अपने देश का स्वतंत्रता दिवस का आयोजन करते हैं. दक्षिण कोरिया को 15 अगस्त 1945 को जापान के हाथों स्वतंत्रता मिली थी. वहीं बहरीन को वर्ष 1971 को ब्रिटेन ने अपनी गुलामी से आज़ाद किया था और कांगो को 1960 को फ्रांस ने मुक्त किया था.

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भारत की आजादी के लिए कई सारे स्वतंत्रता सैनानियों ने अपने प्राणों को न्यौछावर किया था. कई सालों के संघर्ष, बलिदान और त्याग के बाद भारत को 200 सालों के बाद आज़ादी मिली थी. भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद, मंगल पाण्डे जैसे स्वतंत्रता सैनानियों के बलिदान और महात्मा गाँधी, नेहरु और सुभाष चन्द्र बोस जैसे महान व्यक्तियों के संघर्ष की वजह से ही भारत को अंग्रेजो के शासन से मुक्ति मिली थी. तथा भारत एक पूर्ण स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सका था.

Published by Yash Sharma on 14 Aug 2018

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