‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की कुछ पुरानी दुर्लभ फ़ोटोज़, हर पल की अलग कहानी

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा से अपने मिलनसार और विनम्र स्वभाव के लिए पूरे देश में जाने जाते थे. वे एक ऐसे नेता रहे जिनका ना पक्ष में और ना ही विपक्ष में कोई विरोधी रहा. सभी पक्ष के लोग ही उन्हें अपना साथी, गुरु और बहुत अच्छा मित्र मानते थे.

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अटल बिहारी वाजपेयी एक अच्छे वक्ता के साथ-साथ एक अच्छे लेखक और कवि भी थे. उन्होंने उनके जीवन काल में अनेक कविताएं और किताबें लिखी थीं. जैसे कैदी कविराय की कुण्डलियां, संसद में तीन दशक. इसके अलावा कुछ लेख: कुछ भाषण, सेक्युलर वाद, राजनीति की रपटीली राहें, संकल्प काल, शक्ति से शांति, क्या खोया क्या पाया, बिन्दु बिन्दु विचार, अमर आग है, उनकी कुछ प्रसिद्ध रचनाएं हैं. इसके अलावा उन्होंने इंडियाज़ फॉरेन पॉलिसी: न्यू डायमेंशन (1977), असम प्रोब्लम: रिप्रेशन नो सॉल्यूशन (1981) व नेशनल इंटीग्रेशन (1961) जैसे किताबें भी लिखीं.

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अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में ही नहीं बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपनी बहुत रुचि रखते थे. मदर टेरेसा और अटल बिहारी वाजपेयी की यह तस्वीर यही बताती है कि वह समाजसेवा में भी उतनी ही रुचि रखते थे. हमेशा अपने देशसेवा और देशप्रेम को उन्होंने अपने अंदर बसाये रखा था.

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भारत के दो महान व्यक्ति जिन्होंने अपने देश के लिए अपना सर्वस्व दे दिया था. उन्होंने कभी अपने देशप्रेम को खुद से दूर नहीं जाने दिए. अब्दुल कलाम आज़ाद और अटल बिहारी वाजपेयी ऐसी ही दो महान हंस्तिया थीं जिन्होंने देश में ही रहकर देशसेवा के लिए जो बन पाया वो किया.

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अटल बिहारी वाजपेयी ही ऐसे व्यक्ति थे जिनके भाषण सुनने के लिए भारी मात्रा में भीड़ जमा होती थी. उनके भाषण और बोलने की कला का हर कोई दीवाना था. जब कोई भी उनका भाषण सुनता था तो उनसे काफी प्रभावित होता था. वाजपेयी ही एक मात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने विश्व संसद में हिंदी में जाकर भाषण दिया था.

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12 नवंबर 1973 को अटल बिहारी वाजपेयी बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे. वो पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का विरोध कर रहे थे इसलिए वो बैलगाड़ी से पहुंचे. यह बहुत दुर्लभ फोटो है जिसमें अटल जी बैलगाडी से संसद पहुंचे थे.

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यह तस्वीर उनके जन संघ के दौरान की है जिसमें उन्होंने काफी सक्रिय भूमिका निभाई थी. इस तस्वीर में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और भैरों सिंह शेखावत नजर आ रहे हैं. ये तस्वीर जन संघ दिनों की है.

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1980 की तस्वीर. बॉम्बे के बांद्रा में अटल बिहारी वाजपेयी की रैली. राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वजपेयी लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे, वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे थे.

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अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा से अपने पक्ष और विपक्ष को साथ लेकर चलते थे. हमेशा से वह देश के हित की ही बात करते थे चाहे वह पक्ष से हो या विपक्ष से हो. सोनिया गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी की यह पुरानी तस्वीर जिसमें दोनों किसी विषय पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं.

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अटल बिहारी वाजपेयी की ये सबसे अंतिम दुर्लभ तस्वीर जिसमें वह अपना ‘भारत रत्न’ अवार्ड ले रहे हैं. उनके अद्वितीय कार्यो और देशप्रेम के लिए उन्हें ‘भारत रत्न’ वर्ष 2014 में दिया गया था.

Published by Yash Sharma on 17 Aug 2018

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