फोटोग्राफी डे : जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने किया था फोटोग्राफी प्रक्रिया का आविष्कार

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19 अगस्त यानी आज के दिन पूरी दुनिया में वर्ल्ड फोटोग्राफी डे मनाया जाता है. ये दिन उन फोटोग्राफरों को समर्पित होता है जिन्होंने अनमोल पलों को तस्वीरों में कैद कर उन्हें यादगार बना दिया और अपनी फोटोग्राफी से निर्जीव चीजों में भी जान फूंक दी. फोटोग्राफर अपने काम पर गर्व महसूस करते हैं. इस दिन को मनाने का इतिहास भी बहुत लंबा और पुराना है.

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1834 में टेल बॉट ने लाइट सें सेंसिटिव पेपर का आविष्कार किया जिससे खींचे चित्र को स्थायी रूप में रखने की सुविधा प्राप्त हुई. फ्रांसीसी वैज्ञानिक आर्गो ने 7 जनवरी 1839 को फ्रेंच अकादमी ऑफ साइंस के लिए एक रिपोर्ट तैयार की. शुरुआत फ्रांस में साल 9 जनवरी 1839 से शुरू हुई थी. उस वक्त डॉगोरोटाइप प्रक्रिया की घोषणा की गई थी.

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इस फोटोग्राफी प्रक्रिया का आविष्कार जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने किया था. यह दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया थी. इसके कुछ महीनों बाद ही 19 अगस्त 1839 को फ्रांस की सरकार ने इस आविष्कार की घोषणा की. यह दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया थी. इसी दिन की याद में वर्ल्ड फोटोग्राफी डे मनाया जाता है.

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अगर आधिकारिक तौर पर देखें तो इस दिन की शुरुआत 2010 में हुई थी. इस दिन को ऑस्ट्रेलिया के एक फोटोग्राफर ने ख़ास बनाया था. उसने अपने साथी फोटोग्राफरों के साथ मिलकर इस दिन इकट्ठा होने और दुनियाभर में इसका प्रचार प्रसार करने का फैसला किया. इसी दिन उन्होंने 270 फोटोग्राफरों की तस्वीरों को पहली बार ऑनलाइन गैलरी के जरिए पेश किया. अब हर साल इन तस्वीरों की संख्या बढ़ती जा रही है. आज फोटोग्राफरों का हुनर पूरी दुनिया देख रही है. फोटोग्राफी करने वाले अच्छी तस्वीरों के लिए अलग-अलग जगहों का भ्रमण कर रहे हैं. अपने द्वारा ली गई तस्वीरों को वह अपने ब्लॉग आदि पर डाल रहे हैं.

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भारत के सबसे सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफर में से एक रघुराय ने कहा है कि, ‘फोटो लेने के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं करता. मैं उसे उसके वास्तविक रूप में अचानक कैंडिड रूप में ही लेना पसंद करता हूं. लेकिन असल चित्र तकनीकी रूप में कितना ही अच्छा क्यों न हो, वह तब तक सर्वमान्य नहीं हो सकता जब तक उसमें विचार नहीं है. एक अच्छी पेंटिंग या अच्छा चित्र वही है, जो मानवीय संवेदना को झकझोर दे. कहा भी जाता है कि एक चित्र हजार शब्दों के बराबर है.’

 

Published by Yash Sharma on 19 Aug 2018

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