एशियन गेम्स 2018: दीपा कर्माकर की हार के साथ ही खत्म हुआ जिमनास्टिक में भारत के पदक जीतने का सफर

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इंडोनेशिया में चल रहें 18 वें एशियाई खेलों में भारत का लगातार अच्छा प्रदर्शन चल रहा है. चाहे वह हॉकी खेल हो या निशानेबाजी हो. भारत हर क्षेत्र में अपना उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है. भारत ने अभी तक 25 पदक अपने खाते में डाल लिए हैं लेकिन भारत की तरफ से रिओ ओलिंपिक की स्टार जिमनास्टिक खिलाड़ी दीपा कर्माकर अपना प्रदर्शन इस एशियाई खेलों में बरकरार नहीं रख पाई हैं. और उन्हें सिर्फ पांचवें स्थान से संतोष करना पडा.

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भारत की स्टार जिमनास्ट खिलाड़ी दीपा इंडोनेशिया में चल रहे एशियाई खेलों में अपना पूर्व प्रदर्शन नहीं कर पाईं. दीपा बीम फाइनल में पहुंची आठ खिलाड़ियों में प्रदर्शन करने वाली पांचवीं खिलाड़ी थीं और वह 12.500 अंक के साथ इसी स्थान पर रहीं. उन्होंने क्वालीफाई दौर में 12.750 का स्कोर किया था. दीपा पूरी तरह फिट नहीं थीं ऐसे में उनके प्रदर्शन को बुरा नहीं कहा जा सकता. बैलेंस बीम उनकी मनपसंद स्पर्धा नहीं है. इस स्पर्धा में चीन के चेन यिले ने 14.600 अंको के साथ स्वर्ण और उत्तर कोरिया की किम जोंग सु 13.400 के स्कोर के साथ रजत और चीन की झांग जीन (13.325) ने कांस्य पदक हासिल किया है.

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रियो ओलंपिक में वह वॉल्ट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही थीं लेकिन यहां फाइनल के लिए वह क्वालीफाई नहीं कर सकीं. उनके घुटने की पुरानी चोट फिर से उबर गई और वह वॉल्ट स्पर्धा में अरूणा बुद्धा रेड्डी और प्रणति नायक से भी पीछे रहीं. अरुणा बुद्धा रेड्डी और प्रणति नायक ने महिला व्यक्तिगत वाल्ट स्पर्धा के फाइनल में सातवें और आठवें स्थान पर रही है. टीम स्पर्धा में पुरुष टीम नौवें स्थान पर रही.

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बता दें भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में भारत के नाम सिर्फ एक पदक है जो आशीष कुमार ने 2010 एशियाई खेलों के फ्लोर एक्ससाईज स्पर्धा में जीता था. अपने प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टार जिमनास्ट दीपा कर्माकर ने कहा कि वह यहां से खाली हाथ लौटकर निराश महसूस कर रही हैं. इससे पहले 25 वर्षीय दीपा को चोट के कारण वॉल्ट के टीम इवेंट से अपना नाम वापस लेना पड़ा था.

Published by Yash Sharma on 25 Aug 2018

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