चेस से लेकर सांप सीढ़ी तक 8 ऐसे ही ग्रेट अविष्कारों का जनक है भारत देश

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भारत में बुद्धिमान लोगों के साथ ही टैलेंट की भी कमी नहीं है. हमारे देश में ऐसी कई विधाएं हैं जो कि कई सालों से चली आ रही हैं. यही नहीं मैथमेटिक्स, साइंस, एस्ट्रोलॉजी जैसे कई विषयों में हमारे देश के बुद्धिजीवियों ने कई बड़े योगदान दिए हैं जिनकी वजह से वर्ल्ड वाइड कई चीजों के आविष्कार हो पाए हैं. हमारे देश के कुछ ऐसे इन्वेंशन है जो कि ब्रिटिश राज के 200 साल के अंदर हुए लेकिन उन पर ब्रिटिश सरकार ने अपना अधिकार जता लिया. तो चलिए आपको बताते हैं ऐसे कौन से इन्वेंशन हैं जो कि भारत द्वारा किए गए…

1. योग –

योग आज जितना हमारे देश में प्रचलित है उतना ही इसे विदेशों में भी पसंद किया जाता है. भारत में योग 5,000 साल पहले से किया जाता है. देश में प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में 21 जून को इंटरनेशनल योग डे अनाउंस किया जिसके बाद से योग पूरी दुनिया ने किया जाने लगा.

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2. मार्शल आर्ट्स –

मार्शल आर्ट्स का नाम आने के बाद से ही सबसे पहले ब्रिस ली का नाम जहन में आ जाता है. बता दें मार्शल आर्ट्स की उत्पत्ति भारत में हुई थी जिसके बाद यह चाइना द्वारा फॉलो किया गया.

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3. त्रिकोणमिति –

त्रिकोणमिति हम सभी ने स्कूल में पढ़ा ही है. त्रिकोणमिति का मतलब होता है ‘त्रिभुज का मापन’.

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4. जीरो –

जीरो जो कि मैथ्स का आधार है अगर इसकी खोज नहीं होती तो शायद आज मैथ्स से जुड़ी खोज भी नहीं हुई होती. तो आपको बता दें जीरो की खोज का श्रेय भी भारत को ही जाता है. जीरो को भारत के वैज्ञानिक आर्यभट्ट ने ही खोजा था.

 

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5. पाइथागोरस प्रमेय –

यूरोपियन गणितज्ञ से पहले भारतीय गणितज्ञ बुधायन ने ‘पाई’ की वैल्यू कैल्क्यूलेट की थी. उन्हें 6वीं शताब्दी में इसको एक्सप्लेन किया है.

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6. नेविगेशन –

नेविगेशन का इस्तेमाल आज कल हम अपने दैनिक जीवन में करते हैं. हम कहीं भी जाएं GPS हमारा साथ जरूर देता है और आज हम इस पर निर्भर हो चुके हैं. GPS का उद्गम सिंध नदी के किनारे बताया जाता है. नेविगेशन का संस्कृत मीनिंग ‘नवगति’ होता है.

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7. चेस –

बौद्धिक इनडोर गेम्स में चेस सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसकी खोज भी भारत में हुई थी. इसे पुराने समय में ‘चतुरंग’ कहा जाता था.

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8. सांप सीढ़ी –

इनडोर गेम्स में इसे सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसे पहले ‘मोक्षपट’ कहा जाता था. इसे 13वीं शताब्दी में कवी संत ज्ञानेश्वर ने खोजा था.

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इसके अलावा और भी ऐसी कई खोजे भारत में हुई है.

Published by Chanchala Verma on 28 Aug 2018

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