आगामी 32 सालों बाद भारत नहीं रहेगा ‘यंग इंडिया’, वर्ष 2050 तक बढ़ जाएगा बुजुर्गो का अनुपात

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भारत….जो कि अभी तक ‘यंग इंडिया’ के लिए जाना जाता रहा है. वहीं अब बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए यह अनुमान लगाया जाने लगा है कि आने वाले 30-32 सालों में इंडिया की आबादी में और बढ़ोतरी होगी. जिसमें की युवाओं से ज्यादा बुजुर्गो की संख्या ज्यादा होने की संभावना ज्यादा है. एक निजी गैर लाभ संस्‍था पीआरबी वैश्विक स्‍तर पर जनसांख्यिकीय डेटा उपलब्‍ध कराती है. जिसमें पीआरबी के प्रोजेक्‍ट के अनुसार 2018 में बच्‍चों की वृद्धि दर 28 फीसदी है वहीं 2050 में यह वृद्धि दर 19 फीसदी हो जाएगी. साथ में 65 वर्ष से अधिक लोगों की वृद्धि दर का अनुपात 6 फीसदी से 13 फीसदी हो जाएगा.

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पॉपुलेशन रेफरेंस ब्यूरो के अध्ययन में अगले 32 वर्षो के दौरान देश में युवाओं से ज्यादा बुजुर्गो की संख्या में वृद्धि के सवाल पर पंचशील पार्क स्थित मैक्स मल्टी स्पेशयलिटी सेंटर के सामान्य चिकित्सक डॉ. जी.एस. ग्रेवाल ने कहा कि, ‘जी हां, यह सही है, क्योंकि यह प्रजनन में कमी और जीवन जीने की उच्च प्रत्याशा का युग है.’ हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में बताया था कि बुजुर्गों की आबादी 2050 तक बढ़कर 34 करोड़ पहुंचने की संभावना है.

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योजना के मुताबिक भारत की जनसंख्‍या वृद्धि दर 22.5 फीसदी है जो विश्‍व की जनसंख्‍या वृद्धि दर 29.3 फीसदी के मुकाबले कम है. मंत्रालय द्वारा 2017 में एक रिपोर्ट जारी की गई थी जिसमें बताया गया था कि देश के 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या में पिछले दस वर्षो में 35.5 फीसदी की वृद्धि हुई थी. वर्ष 2001 में देश में बुजुर्गो की संख्या सात करोड़ 60 लाख थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 10 करोड़ 30 लाख पहुंच गई थी.

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आंकड़ों के मुताबिक केरल, गोवा, तमिलनाडु, पंजाब और हिमाचल प्रदेश देश के सबसे अधिक बुजुर्ग लोगों की संख्या वाले राज्य हैं. केरल में कुल आबादी का 12.6 फीसदी, गोवा में 11.2 फीसदी, तमिलनाडु में 10.4 फीसदी, पंजाब में 10.3 फीसदी और हिमाचल प्रदेश में कुल आबादी का 10.2 फीसदी हिस्सा बुजुर्गो वाला है.

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बुजुर्गों और युवाओं के बीच बढ़ते इस अंतर को कम करने के उपाय बताए जाने के सवाल पर डॉ. ग्रेवाल ने कहा कि, ‘देश में प्रतिस्थापन की संवृति गायब है इसलिए दो माता-पिता को समान संख्या में बच्चों द्वारा प्रतिस्थापित नहीं किया जा रहा है इसलिए यह अंतर कुछ समय के लिए यूं ही जारी रहेगा.’

Published by Yash Sharma on 07 Sep 2018

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