बिना इंटरव्यू और रिज्यूम के पा सकते हैं नौकरी, न्यूयॉर्क की ग्रेस्टन ब्रेकरी ने की बड़ी पहल

Get Daily Updates In Email

एक ओर जहां लोगों को नौकरी के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. कई सारे एक्जाम्स और इंटरव्यू देने के बाद भी कई युवाओं को बेरोजगार ही घूमना पड़ता है. वहीं कई तरह की जांच-पड़ताल की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. पर इन सबसे अलग हटकर वहीं न्यूयॉर्क की एक कंपनी ऐसी भी है जो हायरिंग की प्रक्रिया के लिए ट्रेडमार्क बन गई है.

courtesy

दरअसल न्यूयॉर्क के योंकर्स में स्थित ग्रेस्टोन बेकरी में नौकरी के लिए लोगों को ना तो महीने भर पहले रिज्यूमे देना होता है और ना ही इंटरव्यू और ना ही किसी तरह की जांच-पड़ताल का सामना करना पड़ता है. इस बेकरी के मालिक माइक ब्रैडी का कहना है कि, ‘हम कंपनी में उन लोगों को मौका देते हैं जिन्हें कहीं ब्रेक नहीं मिलता. इससे वह पूरे मन से काम करते हैं. जिससे कंपनी को भी फायदा होता है’.

courtesy

150 करोड़ रुपये सालाना रेवेन्यू वाली यह कंपनी ऐसे लोगों को मौका देने के लिए मशहूर है जिन्हें कहीं काम नहीं मिल रहा हो या जिन्हें रंगभेद का शिकार होना पड़ रहा है. बता दें बाहरी देशों में कई लोगों को रंग भेद के चलते नौकरी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है. कंपनी के सीईओ ब्रैडी का कहना है कि, ‘जिन्हें भी नौकरी चाहिए वह आएं और लिस्ट में अपना नाम, कॉन्टेक्ट नबंर और ईमेल एड्रेस दर्ज करवाएं. जब भी नौकरी की संभावना बनेगी कंपनी खुद ही उम्मीद्वार को फोन कर लेगी’.

courtesy

वहीं ग्रेस्टोन बेकरी में 85 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें ओपन हायरिंग प्रक्रिया से चुना जाता है. कर्मचारियों के चुनने के बाद उन्हें 9 से 10 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है. जिसमें उन्हें मशीन चलाना, पैकेजिंग, मिक्सिंग जैसे काम सिखाए जाते हैं. कर्मचारियों के कंपनी में ज्यादा दिनों तक रहने पर उनका प्रमोशन भी किया जाता है. एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में एक कर्मचारी की हायरिंग पर करीब 3 से 4 लाख रुपये खर्च कर दिए जाते हैं. जबकि ग्रेस्टोन बेकरी के कर्मचारियों को ऐसी किसी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होती.

Published by Yash Sharma on 10 Sep 2018

Related Articles

Latest Articles