विश्व की 10 शक्तिशाली भाषाओं में से एक है हिंदी, बिल गेट्स भी हो चुके हैं कायल

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हमारे देश में 14 सितंबर को मातृभाषा ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. दरअसल इसी दिन यानि की 14 सितम्बर को ही मातृभाषा हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था. आपको जानकारी हैरानी होगी कि देश के लगभग 77 प्रतिशत लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं. 14 सितंबर 1953 के दिन पहला आधिकारिक हिन्दी दिवस मनाया गया था. इसके बाद से हर साल इसी दिन को ‘हिंदी दिवस’ मनाया जाने लगा.

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हिंदी एक मात्र ऐसी भाषा है जो देश को एक सूत्र में बांधे रखे हुए है. आज आप देश के किसी भी शहर में चले जाइए आपको हिंदी बोंलने और समझने वाले लोग मिलेंगे. हालांकि यह बात अलग है की हर क्षेत्र में इसे लोग अपनी बोली के अनुसार बोलते हैं. देश को अजाद कराने में भी हमारी भाषा हिंदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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दरअसल आजादी के समय महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, रविंद्रनाथ टैगोर, बाल गंगाधर तिलक, चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य और लाला लाजपत राय जैसे महापुरुषों ने मुख्य भाषा हिंदी न होने के बावजूद देश में जन जागरण लाने के लिए हिंदी का ही प्रयोग उचित समझा. 21वीं सदी में हिंदी ने एक नई ऊंचाई को छुआ और नए-नए आयाम गढ़े.

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आप को सुनकर यकीन नहीं होगा कि हिंदी विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है. शायद यही वजह है कि हिंदी भाषा माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स को भ्‍ाी पसंद है. गेट्स ने एक बार अपने बयान में कहा था कि, जब बोलकर लिखने की तकनीक उन्नत हो जाएगी, तब हिन्दी अपनी लिपि की श्रेष्ठता के कारण सर्वाधिक सफल होगी. यह बात आज चरितार्थ होते देखी जा सकती है.

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हिंदी की देवनागरी लिपि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ लिपि मानी जाती है. हिंदी केवल अंग्रेजी से ही नहीं चीन की मंडारिन से भी आगे है. अगर संख्या के लिहाज से देखा जाए तो दुनियाभर में जितने लोग अंग्रेजी बोलते हैं, उससे कहीं ज्यादा करीब 70 करोड़ लोग अकेले भारत में हिंदी बोलते हैं. पूरा पाकिस्तान हिंदी बोलता है.

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बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, तिब्बत, म्यांमार, अफगानिस्तान में भी हजारों लोग हिंदी बोलते और समझते हैं. यही नहीं, फिजी, गुयाना, सुरिनाम, त्रिनिदाद जैसे देश तो हिंदी भाषियों के ही बसाए हुए हैं. एक तरह से देखा जाए तो हिंदी भाषा का इस्तेमाल पूरे दुनिया में लगभग एक अरब लोग करते हैं.

Published by Lakhan Sen on 14 Sep 2018

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