6.40 लाख रुपए जीतने वाले दविंदर 5 रुपए में खिलाते हैं लोगों को भरपेट खाना, दरियादिली ने जीता दिल

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केबीसी में अब तक कई कंटेस्टेंट ऐसे आए हैं जिनके अच्छे कामों की वजह से उन्हें शो के बाद भी सराहा जा रहा है. हाल ही में केबीसी के सेट पर इंजीनियर सरदार दविंदर सिंह पहुंचे. वे शो में सिर्फ 6.40 लाख रुपए जीत पाए पर अपनी दरियादिली की वजह से वे इन दिनों काफी चर्चा में हैं.

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आपको बात दें कि 6.40 लाख रुपए जीतने वाले सरदार दविंदर सिंह पांच रुपए में लोगों को खाना खिलाते हैं. जी हां, यह बात वाकई हैरान करने वाली है लेकिन यह सच है. सरदार जी ‘आप की रसोई’ चलाते हैं जो कि अब देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. सरदार जी के इस काम में उनका परिवार भी उनका पूरा सपोर्ट करता है. इस परिवार का यह काम लोगों को इंसानियत का संदेश दे रहा है.

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केबीसी में बिग बी के सामने हॉट सीट पर बैठे दविंदर दिल्ली के पास हरियाणा के फरीदाबाद शहर के रहने वाले हैं. जहां के लोग उन्हें जानते हैं. इस इलाके के लोग तो दविंदर और उनके परिवार के इस नेक काम से परिचित हैं लेकिन अब पूरा देश इनके नेक काम को जान रहा है और शो के सेट पर सभी उनके इस जज्बे को सलाम कर रहा है. केबीसी के सेट पर दविंदर सिंह ने जब अपनी ‘आप की रसोई’ के बारे में बताया तो अमिताभ बच्चन भी उनके इस काम से प्रभावित होते हुए नजर आए.

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शो के बाद एक इंटरव्यू के दौरान दविंदर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा में बड़े-बुजुर्गो को ‘सेवा’ में रत देख उन्हें भी बचपन से यही सीख मिली. दविंदर साल 2006 में पुणे में इन्फोसिस में जॉब करते थे. वे इन्फोसिस की हिंजेवाणी फाउंडेशन के बैनर तले सरस्वती अनाथालय शिक्षण आश्रम जाते थे और वहां रह रहे बच्चों के साथ खाना लेकर जाते जाते थे. उनके साथ खेलते और उन्हें पढ़ाते भी थे. दविंदर ने बताया कि दिल्ली में दो बच्चों की भूख से मौत की खबर ने उन्हें झकझोर डाला. उन्हें लगा कि विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे भारत की राजधानी में यदि दो बच्चों की भूख से मौत हो जाती है, तो यह हर देशवासी के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने तभी तय किया कि अपनी ओर से जितना हो सकता है, उतना प्रयास वे अवश्य करेंगे.

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दविंदर के बड़े भाई गुरविंदर सिंह, उनके माता-पिता मनमोहन सिंह व सतनाम कौर, धर्मपत्नी नवनीत कौर और अपने दोस्त कर्ण को मन की बात बताई. जिसके बाद सभी ने मिलकर यह ठान लिया कि सप्ताह में एक दिन उनका परिवार शहर की सड़कों पर निकलकर भूखों को भरपेट खाना खिलाएगा. जिसके बाद से ही परिवार के सभी लोगों ने शनिवार को साथ मिलकर खाना बनाना शुरू किया. जिसके बाद गाड़ी में रखकर इसे ‘आप की रसोई- भरपेट भोजन पांच रुपए में’ लिखकर एक बैनर लेकर शहर के किसी एक इलाके में पहुंच जाते हैं. दविंदर सिंह कहते हैं, ‘पांच रुपए इसलिए कि कोई भी व्यक्ति भोजन लेने में झिझके ना. वैसे अगर कोई नहीं भी देता, तो उससे पैसे नहीं मांगे जाते हैं.’

 

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केबीसी में आने के बाद से सभी लोग दविंदर के साथ इस नेक काम से जुड़ना चाहते हैं. जिसके बाद से उनके पास लगातार फोन आ रहे हैं. इसके लिए उन्होंने वाट्सएप ग्रुप बनाना पड़ा है, जिसमें लोग तेजी से जुड़ रहे हैं. दविंदर कहते हैं, ‘उम्मीद है कि अब सप्ताह में एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन आप की रसोई भूखों को भोजन कराएगी. लोगों का आग्रह है कि इसे एनजीओ के रूप में व्यवस्थित तरीके से संचालित करूं, धन की कमी नहीं पड़ने दी जाएगी.’

Published by Chanchala Verma on 24 Sep 2018

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