कभी विनोद खन्ना ने एक साथ 15 फ़िल्में की थी साईन, स्टारडम छोड़ बन गए थे संन्यासी

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बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना एक्टर के साथ ही निर्माता और पॉलिटिशियन भी थे. उन्हें अपने फ़िल्मी करियर में कई सारे अवार्ड्स मिले थे जिसमें फिल्मफेयर फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर और दादा साहब फाल्के जैसे अवार्ड्स शामिल हैं. उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत फिल्म ‘मन का मीत’ से की थी. अपने शुरुआती करियर में विनोद खन्ना ज्यादातर विलन के रोल में देखे जाते थे पर उनके एक्टिंग के हुनर को देखते हुए निर्देशक शिव कुमार ने अपनी फिल्म ‘हम तुम और वो’ में उन्हें लीड एक्टर का किरदार निभाने का मौका दिया जो विनोद ने बखूबी निभाया था.

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One of the most good looking actors of his time, #VinodKhanna gave many blockbusters to the industry. He was a versatile actor and did many fantastic roles. He first played a villain in the movies and then turned into a mainstream hero. Vinod Khanna was also known for his distinct style and amazing persona. In the start of his career he played supporting or villainous roles in many movies such as #PurabAurPaschim, #SachaaJhutha, #AanMiloSajna, and #Mastana in 1970, and in #MeraGaonMeraDesh and #Elaan in 1971. #RetroRewind #InstaFilm #InstaHub #Filmy #Bollywood #Stars #Love #Actor #Superstars #InstaBolly #InstaHub #InstaGood

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एक समय ऐसा था जब विनोद खन्ना ने के साथ 15 फिल्में साइन कर ली थीं. लेकिन अचानक से उन्हें यह दौड़ती भागती जिंदगी अच्छी नहीं लगी तो उन्होंने संन्यास जीवन जीने का निर्णय लिया और अपनी दौलत, शोहरत छोड़कर अमेरिका में आध्यात्मिक गुरु ओशो के आश्रम चले गए.

दिलचस्प बात तो यह है कि ओशो के आश्रम में विनोद खन्ना ने अपने जीवन के सबसे कीमती पांच साल गुजारे थे. वे आश्रम में हर तरह के काम भी करते थे. लेकिन संन्यासी बनने की वजह से इनका पूरा परिवार टूट गया था. बीबी ने भी उन्हें तलाक दे दिया था. पांच साल बाद जब विनोद इंडिया आए तो एक बार फिर से फिल्मों में अपना हाथ अजमाया. इंडिया लौटते ही उन्होंने सबसे पहले फिल्म ‘इंसाफ’ की थी. और यह फिल्म काफी सफल भी हुई थी.

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#vinodkhanna #hemamalini

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विनोद खन्ना अभिनेता होने के अलावा, निर्माता और सक्रिय राजनेता भी रहे हैं. वे भाजपा के सदस्य थे और कई चुनाव जीत चुके थे. वे मंत्री भी रहे. 2015 में शाहरुख़ ख़ान की फ़िल्म ‘दिलवाले’ में नजर आने के बाद उन्होंने इसी साल अप्रैल में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘एक थी रानी ऐसी भी’ में भी अभिनय किया था.

यह उनकी आखिरी फ़िल्म थी, जो राजमाता विजय राजे सिंधिया पर बनी थी जिसे गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने लिखा था. 1999 में विनोद खन्ना को उनके इंडस्ट्री में योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया था. बता दें कि 27 अप्रैल 2017 यानी आज विनोद खन्ना का इस दुनिया को छोड़कर चले गए. उनके अचानक जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर मायूसी छा गई थी. वे अपने अभिनय के चलते आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं.

Published by Lakhan Sen on 06 Oct 2018

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