अंटार्कटिक महाद्वीप का तापमान इतना कम की खाना भी हो जाता है फ्रीज़, सामने आए खास फोटोज

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विश्व का सबसे ठंडे स्थान के लिए मशहूर अंटार्कटिक महाद्वीप के तापमान का इसी से पता लगाया जा सकता है कि वह पर खाने की चीज भी ठोस वस्तु में बदल जाती है. यह महाद्वीप पृथ्वी का दक्षिणतम महाद्वीप है जिसमें दक्षिणी ध्रुव भी आता है. यह दक्षिणी गोलार्द्ध के अंटार्कटिक क्षेत्र और लगभग पूरी तरह से अंटार्कटिक के दक्षिण में स्थित है.

यह चारों ओर से दक्षिणी महासागर से घिरा हुआ है. अपने 140 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ यह एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के बाद पृथ्वी का पांचवां सबसे बड़ा महाद्वीप है. अंटार्कटिका का 98% भाग औसतन 1.6 किलोमीटर मोटी बर्फ से घिरा हुआ है. 21 जुलाई 1983 में अंटार्कटिका के वोस्टोक स्टेशन पर अभी तक धरती का सबसे कम तापमान -128.56°F रिकॉर्ड किया गया था. यहां की बर्फ की औसतन मोटाई लगभग 1.6 किलोमीटर है और जानकर हैरानी होगी कि धरती का 90% साफ पानी यही पर है.

इस महाद्वीप की ख़ास बात यह है कि यहां 6 महीने की रात और 6 महीने का दिन होता है. हाल ही में एक अंटार्कटिका यात्री सीप्रियान वर्सेक्स ने वहां से कुछ फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्वीटर पर शेयर की हैं. जिसमें दिखाई दे रहा है कि खाने के बहुत सी चीजें जमी हुई हैं. वहां का तापमान इतना कम है कि वहां पर खाना भी जम जाता है. बता दें कि दुनिया का सबसे ठंडा इलाका अंटार्कटिका ही है. सर्दियों में यहां का तापमान -80 डिग्री से भी नीचे चला जाता है.

सीप्रियान वर्सेक्स यहां पर बर्फ की पहाड़ो की रिसर्च करने के लिए आए हैं. सीप्रियान बीते कई वर्षों से वातावरण में हो रहे बदलावों पर भी रिसर्च कर रहे हैं. अंटार्कटिका में एक बेस कैंप में सीप्रियान अपने दोस्तों के साथ रुके हुए हैं. यहां उन्होंने अपने दोस्तों के साथ 3 महीने का समय बिताया है. जिसमें उन्होंने यहां मौसम को लेकर हो रहे बदलाव पर रिसर्च की है.

अंटार्कटिका पर ऑक्सीजन की भी बहुत कमी है. ऑक्सीजन के कमी के कारण यहां पर जीवन यापन करना असम्भव है.

Published by Yash Sharma on 15 Oct 2018

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