देशहित के लिए नहीं की ‘मिसाइल मैन’ अब्दुल कलाम ने शादी, लोगों से मिला नाम ‘जनता के राष्ट्रपति’

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भारत के सबसे लोकप्रिय वैज्ञानिक और राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम का आज 87 वां जन्मदिन हैं. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाड़ु के छोटे से शहर रामेश्वरम् हुआ था. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम था. उन्हें युवा लोग डॉ. कलाम और बच्चे प्यार से चाचा कलाम बुलाते थे. अब्दुल कलाम के पिता नाव बनाते थे और उन्हें लोगों को किराए पर दिया करते थे. उनके घर की आर्थिक हालत सही नही होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और देश के प्रमुख अनुसंधानों में जाकर अपना ही नहीं देश का भी नाम रोशन किया था.

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अब्दुल कलाम आजाद आजीवन अविवाहित ही रहे थे. उन्होंने कभी इस सवाल को अपने ऊपर हावी नही होने दिया. कईं पत्रकारों और मीडिया के लोगों ने उनसे इस बारे में बात करने की कोशिश भी की लेकिन उन्होंने कभी इस बात का उत्तर देना उचित नहीं समझा. एक अखबार को इंटरव्यू देते हुए कलाम ने कहा था कि, ‘अगर मैं शादी कर लेता तो जीवन में आज जो हूँ उसका आधा भी नहीं होता और ना ही देश के लिए इतना कुछ कर पाता जो मैंने किया है’.

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कलाम राष्ट्रपति बनने से पहले एक वैज्ञानिक थे. उन्होंने कई  मिसाइलों का आविष्कार किया था. लोग उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम से भी जानते थे. उन्होंने ‘अग्नि’, ‘पृथ्वी’ जैसी कईं मिसाइलें भारत को दी है. साल 2001 में उन्होंने भारत के 11 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी. राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने देशहित के लिए कई सारे कार्य किए जो अतुलनीय हैं. उन्हें लोग ‘जनता के राष्ट्रपति’ कहकर संबोधित करते थे.

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उन्होंने उनके जीवनकाल में कुछ पुस्तकें भी लिखी थीं. ‘इंडिया 2020 ए विज़न फ़ॉर द नई मिलेनियम’, ‘माई जर्नी’, ‘इग्नाटिद माइंड्स अनलिशिंग द पावर विदिन इंडिया’, ‘विंग्स ऑफ फायर’ उनकी सर्वाधिक लोकप्रिय किताबे हैं. उन्हें भारत सरकार की ओर से 1981 में ‘पद्म भूषण’, 1990 में ‘पद्म विभूषण’ और 1997 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था. 27 जुलाई 2015 को शिलोंग में एक कार्यक्रम के दौरान अब्दुल कलाम का आकस्मिक निधन हो गया था.

Published by Yash Sharma on 15 Oct 2018

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