शरमन जोशी की ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’ के आगे फीकी पड़ी नील नितिन मुकेश की ‘दशहरा’

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इन दिनों बॉलीवुड फिल्मों की भरमार पड़ी हैं. हर हफ्ते एक नहीं बल्कि दो-दो तीन-तीन फ़िल्में एक साथ रिलीज हो रही हैं. जबकि एक समय था जब महीनों फ़िल्में रिलीज नहीं हुआ करती थीं. पिछले हफ्ते ही आयुष्मान खुराना, सान्या मल्होत्रा और नीना गुप्ता की फिल्म ‘बधाई हो’ रिलीज हुई थी. इसी फिल्म को टक्कर देने पिछले हफ्ते अर्जुन कपूर की फिल्म ‘नमस्ते इंग्लेड’ भी रिलीज हुई थी. यहां कहने का मतलब यह है कि अब हर हफ्ते एक नहीं बल्कि दो से तीन फ़िल्में रिलीज होने लगी हैं. इस हफ्ते भी बॉलीवुड की तीन फ़िल्में ‘बाजार’ , ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’ ‘दशहरा’ रिलीज हुई हैं. आइए जानते हैं इन तीनों फिल्मों के बारे में-

‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’

‘3 स्टोरीज’ के बाद बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी फिल्म ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’ लेकर आए हैं. इस फिल्म की कहानी बनारस पर आधारित है जिसमें शरमन काशी नाम के एक व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म में काशी की बहन लापता हो जाती है और काशी उसकी तलाश में दर-दर भटकता ही रहता है. काशी की लापता बहन की बात पुलिस से कोर्ट रूम तक पहुंच जाती है और फिर सभी लोग काशी को पागल घोषित कर देते हैं.

काशी बने शरमन को हर जगह से निराशा ही मिलती है. काशी को अपनी बहन की तलाश के दौरान कई मुसीबतों से गुजरना पड़ता है. फिल्म में कोर्ट-रूम ड्रामा भी दिखाने की कोशिश की गई है. जिसमें वकील ये यकीन दिलाने की कोशिश करते दिख रहे हैं कि असल में कोई गंगा है ही नहीं. इस फिल्म की कहानी आपको जरुर पसंद आएगी.

‘दशहरा’

नील नितिन मुकेश फिल्म दशहरा में पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आ रहे हैं. इस फिल्म में नील नितिन मुकेश पहली बार पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म की कहानी राजनीतिक रूप से अस्थिर राज्य की पृष्ठभूमि के इर्द-गिर्द घूमती है जो कि राजनेता माफिया नेटवर्क, गंभीर अपराधों की एक जगह, चालाक राजनेता, दुस्साहसी अपराधियों को दिखाती है. इस फिल्म की कहानी एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो कि साजिशों की वजह से प्रतिकूल परिस्थितियों में फंस जाता है.

‘बाजार ‘

इस हफ्ते सैफ अली खान की फिल्म ‘बाजार ‘ (Bazaar) भी रिलीज हुई हैं. फिल्म में सैफ अली खान में शकुन कोठारी का किरदार निभाते नजर आ रहे हैं. फिल्म में दिखाया गया है कि शकुन कोठारी पैसा कामने में यकीन रखता है और पैसे के लिए वह कोई भी हद पार कर सकता है. वहीं एक और छोटे से गांव का लड़का रिजवान अहमद यानी रोहन मेहरा शकुन कोठारी जैसा बनना चाहता है. जैसे ही रोहन मेहरा मुंबई आता है वैसे ही उसकी मुलाकात प्रिया यानी राधिका आप्टे से होती है. फिल्म ‘बाजार’ (Bazaar) में किसी को कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है यह दिखाया गया है. ‘बाजार’ पूरी तरह से एक थ्रिलर फिल्म है. फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आ रही है.

Published by Lakhan Sen on 26 Oct 2018

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