पीएम मोदी ने किया ‘स्टेचू ऑफ़ यूनिटी’ का अनावरण, जानिए सरदार पटेल की प्रतिमा के 10 रोचक तथ्य

Get Daily Updates In Email

देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 हो नडियाद में हुआ था. देश की स्वतंत्रता और विभाजन के समय उन्होंने अपनी मुख्य भूमिका निभाई थी. आज उनके जन्मदिवस के मौके पर उनकी 182 मीटर भव्य मूर्ति का लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किया गया है. बता दें 1999 में पद्मश्री से सम्मानित सुतार ने मूर्ति को डिजाइन किया है.

courtesy

गुजरात में सरदार सरोवर बांध से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल का यह स्टेचू विश्व के सभी स्टेचू से बड़ा है. इसे ‘स्टेचू ऑफ़ यूनिटी’ नाम दिया गया है. 182 मीटर यानी 597 फुट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इसके बाद चीन की स्प्रिंग बुद्ध मंदिर 153 मीटर दुनिया की सबसे ऊंची दूसरी प्रतिमा होगी. जापान में स्थित 120 मीटर ऊंची प्रतिमा उशिकु दायबुत्सु तीसरे नंबर पर और अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी 93 मीटर के साथ चौथे नंबर पर है.

courtesy

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को बनाने में 5,700 मीट्रिक टन यानी करीब 57 लाख किलोग्राम स्ट्रक्चरल स्टील का इस्तेमाल हुआ. साथ ही 18,500 मीट्रिक टन छड़ का इस्तेमाल किया गया है. 18 हजार 500 टन स्टील नींव में और 6,500 टन स्टील मूर्ति के ढांचे में लगी है. 17 सौ टन कांसे का इस्तेमाल मूर्ति में जबकि 1,850 टन कांसा बाहरी हिस्से में लगा है. 1 लाख 80 हजार टन सीमेंट कंक्रीट का इस्तेमाल निर्माण में किया गया है. जबकि इसमें 2 करोड़ 25 लाख किलोग्राम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया.

courtesy

इस स्टेचू को तेज हवाओं और भूकम्प का कोई असर नहीं होगा. 6.5 रिक्टर पैमाने पर आए भूकंप के झटकों में भी मूर्ति की स्थिरता बरकरार रहेगी. साथ ही 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को झेल सकती है. 6 लाख किसानों ने मूर्ति के लिए लोहे का दान दिया. इसमें 135 मीट्रिक टन लोहे का दान मिला जो इसमें इस्तेमाल हुआ है. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है. प्रतिमा अपने आप में अनूठी है. इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है.

courtesy

अक्टूबर 2014 मेंलार्सन एंड टूब्रो कंपनी को इस स्टेचू को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था. माना जा रहा है कि इसके निर्माण में करीब 3000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. आपको बता दें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के ऊपर जाने के लिए लिफ्ट लगाई जा रही है. प्रतिमा में 153 मीटर की ऊंचाई तक पर्यटक जा सकेंगे और 12 किमी दूरी तक देखा जा सकता है. 200 लोग एक साथ मूर्ति के ऊपरी तले में बनी गैलरी में आ सकते हैं.

Published by Yash Sharma on 31 Oct 2018

Related Articles

Latest Articles