96 साल की कार्थ्यायनी अम्मा को परीक्षा में मिले 98 प्रतिशत, अशिक्षित महिलाओं के लिए हैं प्रेरणा

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हम सभी ने शाहरुख़ खान की फिल्म ‘मैं हूं ना तो’ देखी ही है. यह फिल्म शाहरुख़ खान के करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है. इस फिल्म का कांसेप्ट काफी अलग था जिसकी वजह से इस फिल्म को दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया गया. इस फिल्म में शाहरुख़ खान आर्मी के कैप्टेन बनने के बाद अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए कॉलेज में एडमिशन लेते हैं लेकिन क्या आपने कभी किसी को ऐसा असल जिंदगी में करते देखा है? अगर नहीं तो यहां हम आपको ऐसी ही एक महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे.

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हम बात कर रहे हैं केरल के अलाप्पुझा जिले में रहने वालीं कार्थ्यायनी अम्मा की. इनके बारे में खास बात यह है कि अम्मा की उम्र 96 साल है और वे अपने जिले की सबसे ज्यादा उम्र की बुजुर्ग छात्रा हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने रविवार को अपनी जिंदगी का पहला इम्तिहान दिया है. ख़ुशी की बात तो यह है कि उन्होंने सिर्फ यह इम्तिहान दिया ही नहीं बल्कि इसमें वे सफल भी रहीं. अम्मा की के परीक्षा हॉल में ड्यूटी दे रहे टीचर ने बताया कि अम्मा परीक्षा देते वक्त आत्मविशवास से भरी थीं. बात करें अम्मा के इम्तिहान की तो यह परीक्षा केरल साक्षरता मिशन की अक्षरलाक्ष योजना के तहत करवाई गई थी. जिसमें कुल 45 छात्र सम्मिलित हुए थे. इन सभी छात्रों में अम्मा ही सबसे बुजूर्ग थीं.

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यह परीक्षा 3 चरणों में हुई. जिसमें 30 अंक पढ़ने के, 40 अंक मलयालम लिखने के और 30 अंक गणित के लिए थे. अम्मा ने इस परीक्षा को काफी अच्छे तरीके से पास किया. बात करें अम्मा एक मार्क्स की तो उन्हें पढ़ने में 30 में से 30 अंक मिले. उन्होंने अपनी पूरी परीक्षा में 98 प्रतिशत हासिल किए हैं.

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एग्जाम कॉर्डिनेटर साथी ने बताया कि अम्मा इस बात से नाखुश थीं कि परीक्षा में उन सभी सवालों को नहीं पूछा गया, जिनकी तैयारी उन्होंने की थी. अम्मा को यह भी लगता है कि उन्होंने बिना कारण ही इतनी पढ़ाई की. रिपोर्ट्स की मानें तो साक्षरता मिशन के तहत इस साल केरल में 45 हजार से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों ने परीक्षा दी है.

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अम्मा ने इस अभियान के तहत इसी साल के जनवरी से पढ़ाई शुरू की थी. इस लिखित परीक्षा को पास करने के बाद उन्हें चौथी कक्षा में एडमिशन दिया जाएगा. बेशक अम्मा हमारे देश की हजारों अशिक्षित महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं.

Published by Chanchala Verma on 01 Nov 2018

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