120 शहरों को पछाड़ इंदौर बना नंबर वन ट्रैफिक व्यवस्था वाला शहर, दो बार बन चुका है सबसे स्वच्छ शहर

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इंदौर पिछले दो साल से लगातार देश का पहला सबसे स्वच्छ शहर का ख़िताब अपने नाम करने में सफल रहा है. जिस तरह से इंदौर में सफाई पर जोर दिया जा रहा है वह वाकई सरहनीय है. स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में टॉप करने वाले इंदौर ने अपने नाम अब एक और रिकार्ड कर लिया है.

दरअसल हाल ही में इंदौर को ‘बेहतर सड़क सुरक्षा के लिए सबसे अच्छी पहल’ श्रेणी में 120 शहरों में से नं.1 चुना गया है. बता दें कि, यह पुरस्कार वर्ष 2007 से शहरों में रोड सेफ्टी मिशन इंडिया, यातायात प्रबंधन के उल्लेखनीय कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है.

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खास बात तो यह ही कि, इंदौर ने जिस कैटगरी में यह अवार्ड जीता है. उस कैटगरी में देश के बड़े-बड़े शहर शामिल थे. इंदौर ने यह अवार्ड दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरू, मैसूर, चेन्नई, अहमदाबाद, गुड़गांव, नोएडा, ईटानगर, त्रिवेंद्रम, कोच्चि और देश के सभी महानगरों को पछाड़ कर जीता है. कुल 120 शहरों ने इस अवार्ड के लिए दावेदारी पेश की थी.

शहर के डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र इस बारे में बात करते हुए बताया कि, ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क हादसों में कमी और सीमित संसाधनों में सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर यह पुरस्कार मिला है. वैसे तो इंदौर को अवार्ड कई कारणों के चलते दिया है. लेकिन इन में से कुछ कारण है जो हम आपको बताते हैं.

इंदौर 10 लाख से अधिक वाहन वाले शहरों की श्रेणी में गंभीर दुर्घटनाओं में पांचवां सबसे सुरक्षित शहर हैं.

साल 2015 में 444 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इस साल सिर्फ 245 मौत का शिकार हुए हैं. इस हिसाब से मृत्यु दर में भी 26.42 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है.

वर्तमान समय में इंदौर के सारे ट्रैफिक सिग्नल पर कैमरे लगे हुए हैं जिसके माध्यम से डेली हजारो लोगों के चलान काटे जाते हैं.

ऐसे ही इंदौर में रोबोट एवं स्मार्ट सिग्नल से ट्रैफिक कंट्रोल किया जाता है. इसके अलावा शहर में स्पीड राडार, ब्रेथ एनालाइजर व हैंड हेल्ड डिवाइस चालान व्यवस्था भी हैं.

यह अवार्ड मिलने के बाद इंदौर पुलिस में ख़ुशी का माहौल बना हुआ है. भले ही इंदौर को इस अवार्ड से नवाजा गया है. लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि इंदौर में ट्रैफिक समस्या आज भी बहुत ज्यादा है. ऐसे में इंदौर को यह अवार्ड मिलना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है?

Published by Lakhan Sen on 02 Nov 2018

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