एक्ट्रेस से पहले कोरियोग्राफर रह चुकी हैं सान्या मल्होत्रा, 10 हजार रुपए लेकर आई थीं मुंबई

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दंगल से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत करने वाली सान्या मल्होत्रा की दूसरी फिल्म बधाई हो कुछ समय पहले ही रिलीज़ हुई है. इस फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना लीड रोल में नजर आए थे. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने फ़िल्मी सफ़र को लेकर बातचीत की जिसके दौरान उन्होंने बताया कि उनका फ़िल्मी सफ़र इतना आसान नहीं रहा है. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे वह एक डांस टीचर और योग टीचर से एक्टर बन गईं.

सान्या ने बताया कि, डांसिंग हमेशा से मेरा जुनून था…लेकिन कॉलेज जाने से पहले तक मुझे अपने घर में आईने के सामने बॉलीवुड चार्टबस्टर पर या फिर कभी कभार पार्टियों में ही डांस करने का मौका मिल पाता. दिल्ली यूनिवर्सिटी आने के बाद मैंने कोरियॉग्रफी सोसायटी को जॉइन किया और मैं छोटी बच्चियों को डांस सिखाने लगी. मैं डांस के साथ-साथ एक्टिंग भी करना चाहती थी, लेकिन मुंबई आना और अपने सपनों को अंजाम देना तब काफी मुश्किल था, इसलिए मैंने तय किया कि तब तक में डांस में ही आगे काम करूंगी. ग्रेजुएशन के बाद मैंने दिल्ली के एक स्कूल में बतौर डांस टीचर जॉइन किया.

उन्होंने आगे कहा, मैं मुंबई में ही थी तो मैं मैंने सोचा कि मैं वहां एक आर्ट डायरेक्टर फ्रेंड के साथ 10-15 दिन और रुक जाऊं और कुछ अन्य ऑडिशन दूं. मैं जुहू के पृथ्वी कैफे और वहां की कुछ जगहों पर भटका करती, लेकिन इस दौरान मुझे उस शहर से प्यार हो गया. मैं वापस दिल्ली लौटी और मैंने अपने पापा से अपनी एक्टिंग के सपने को लेकर बात की. इसके बाद मैं वापस मुंबई लौट गई और लगा कि जैसे मुझे तुरंत कोई बड़ा ब्रेक मिल जाएगा.

हालांकि, ऐसा कुछ हुआ नहीं, लेकिन 3-4 महीने के भीतर मुझे पता लग गया कि कहां ऑडिशंस हो रहे हैं और कौन को-ऑर्डिनेटर, कास्टिंग डायरेक्टर है. मैं केवल 10 हजार रुपए अपने अकाउंट में लेकर चली थी इसलिए एक्टिंग जॉब ढूंढने के साथ-साथ मैं कोरियॉग्रफर से यह भी पूछा करती कि क्या उन्हें किसी असिस्टेंट की जरूरत है. मैं बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करने के लिए भी तैयार थी, लेकिन मुझे कोई ऑफर नहीं मिला.

आगे एक्ट्रेस ने बताया, इसके बाद मैंने अपनी बिल्डिंग की आंटियों को योग सिखाने का काम शुरू किया. इस दौरान मुझे सेकंड लीड के तौर पर पहला ऐड मिला. सेट पर मौजूद लोग अच्छे नहीं थे और मुझे याद है कि मैं घर लौटते हुए ऑटो रिक्शा में रो पड़ी थी. मैं अपसेट थी, लेकिन मैंने हार नहीं मानी. मेरा अगला ऐड नीरजा के डायरेक्टर राम माधवानी के साथ था और इस बार मैं लीड रोल में थी. यह सेलुलर ब्रैंड का ऐड था, जो कि फ़न से भरा रहा. हमने शूट से पहले कुछ वर्कशॉप भी अटेंड किया था इसलिए मुझे पता था कि मुझसे क्या उम्मीद की जा रही है.

ऐसे ही कुछ समय तक ऐड करने के कुछ महीने बाद मुझे मुकेश के ऑफिस से फिर कॉल आया और इस बार फोन दंगल के लीड कैरेक्टर के लिए था. मैंने ऑडिशन दिया और मैं स्क्रीन टेस्ट को लेकर तबतक सबकुछ भूल गई जब तक कि मुझे वापस उनकी ऑफिस से यह बताने के लिए फोन नहीं आया कि आमिर खान मुझसे मिलना चाहते हैं. तब मैं अपनी मां का बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए दिल्ली पहुंची ही थी, लेकिन यह सुनकर मैं फौरन मुंबई लौट आई, क्योंकि 20 अन्य लड़कियां इस रोल के लिए सिलेक्ट हुई थीं.

इसके बाद कुछ और सेशंस हुए, जो करीब महीने भर चले और तब तक हम यह जानने के लिए बेचैन हो चुके थे कि इस रोल के लिए किसे सिलेक्ट किया गया है. इसके बाद फातिमा (सना शेख) और मुझे प्रॉडक्शन हाउस से कॉल आया कि वह गीता का रोल करेंगी और मैं छोटी बेटी का रोल प्ले करूंगी. मैं उस दिन को कभी भुला नहीं सकती.

Published by Chanchala Verma on 27 Nov 2018

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