बर्थडे स्पेशल: मधुशाला से नाम कमाने वाले हरिवंश राय बच्चन कर चुके हैं कई राजकीय पदों पर भी काम

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जब भी हिंदी साहित्य की बात होती है तो इसमें बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन के पिता और साहित्यकार हरिवंशराय बच्चन का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है. हरिवंशराय आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपनी कृतियों की वजह से वे आज भी हमारे बीच ज़िंदा हैं. आज हरिवंशराय राय का जन्मदिन है. उनका जन्म आज ही के दिन साल 1907 को इलाहाबाद में हुआ था.

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उनका हिंदी साहित्य में योगदान काफी अहम है. हरिवंश राय के पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव और मां का नाम सरस्वती देवी था. हिन्दू कायस्थ परिवार में जन्मे हरिवंश राय हिंदी के प्रमुख कवियों में शामिल हैं. उनके द्वारा लिखी गई कविता मधुशाला से वे काफी प्रसिद्द हुए. यह उनकी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कविताओं में से एक है.

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गांव में शुरूआती पढ़ाई करने के बाद वे इलाहाबाद आए जिसके बाद वे कैम्ब्रिज गए. जहां उन्होंने अंग्रेजी साहित्य के विख्यात कवियों की कविताओं पर शोध किया. जब वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे तो इस दौरान वे कई राजकीय पदों पर भी कार्यरत रहे थे. वे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के तौर पर भी काम कर चुके हैं. उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी मनोनीत किया गया था.

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साल 1926 में हरिवंश राय श्यामा के साथ शादी के बंधन में बंधे. लेकिन शादी के 10 साल बाद ही श्यामा का निधन हो गया. जिसके बाद उन्होंने साल 1941 में तेजी सूरी से दूसरी शादी की.

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हरिवंश राय को उनकी रचना दो चट्टानें के लिए हिंदी कविता के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्हें सरस्वती सम्मान, कमल पुरस्कार जैसे कई सम्मान भी मिल चुके हैं. भारत सरकार ने उन्हें सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से भी सम्मानित किया था. इसके अलावा बिड़ला फाउंडेशन ने उनकी आत्मकथा के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान भी दिया था. यही नहीं वे भारत सरकार से साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण सम्मान भी पा चुके हैं.

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उन्होंने सुमित्रा नंदन पंत की कविताएं और नेहरू के राजनीतिक जीवन पर भी किताबें लिखी हैं. इसके साथ ही उन्होंने शेक्सपियर के नाटकों का भी अनुवाद किया है. 95 साल की उम्र में मुंबई में हरिवंश राय का निधन हो गया था. लेकिन अपने साहित्य की वजह से वे आज भी जिन्दा हैं.

Published by Chanchala Verma on 27 Nov 2018

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