अभिनेत्री सुरैया से बेइंतहा मोहब्बत करते थे देव आनंद, फिल्म के सेट पर ही किया था उन्हें प्रपोज

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भारतीय सिनेमा की ‘विद्या’, ‘काला और ‘बाजी’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम कर चुके बॉलीवुड अभिनेता धर्मदेव आनंद यानि देव आनंद ने लगभग तीन दशक तक भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया है. भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देवानंद की कल यानि 3 दिसंबर को पुण्यतिथि थी. इस दिन ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा था. आज देव आनंद साहब हमारे बीच भले ही नहीं हैं लेकिन उनकी यादें आज भी लोगों के दिल में जिंदा है. धर्मदेव आनंद उर्फ देव आनंद साहब की पुण्यतिथि के मौके पर चलिए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें-

ऐसा कहा जाता है कि जब देव आनंद मुंबई आए थे तब वे सिर्फ 30 रुपए लेकर आए थे. लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से 30 रुपए से लाखों रुपए बना लिए थे. वे अपने हिसाब से सिनेमा को ढाल लेते थे. बहुत कम ही लोगों को पता है कि देव आनंद को काले कपड़े पहने की अनुमति नहीं थी. दरअसल फिल्म ‘काला’ में ही उन्हें काला कोट पहनने से रोक दिया गया था. ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि काले रंग के कोट में देव आनंद काफी हैंडसम लगते थे. इसलिए डर था कि कही लड़कियां उन्हें देखकर छत से कूद न जाएं.

सुरैया को सेट पर ही किया था प्रपोज:

ऐसे ही उनके जीवन का एक किस्सा भी बड़ा शानदार है. जब फिल्म ‘विद्या’ की शूटिंग हो रही थी उस दौरान उन्हें एक्ट्रेस “सुरैया”से प्यार हो गया था. उन्होंने फिल्म के सेट पर ही सुरैया को शादी के लिए प्रपोज कर दिया था. लेकिन इन दोनों की कभी शादी नहीं हो सकी. इसकी मुख्य वजह सुरैया की नानी थीं. दरअसल सुरैया की नानी दोनों के प्यार के खिलाफ थीं. अंत में यह हुआ कि देव आनंद के लिए सुरैया सारी उम्र कुंवारी रहीं.

कल्पना कार्तिक से की शादी:

जब सुरैया से शादी नहीं हो सकी तो बाद में देव साहब ने एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक से शादी की थी. ऐसा कहा जाता है कि इन दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘बाजी’ के दौरान हुई थी. इन दोनों की यह फिल्म काफी सफल भी हुई और दोनों की जोड़ी को लोगों ने काफी पसंद भी किया था. इसके बाद देव साहब और कल्पना कार्तिक की जोड़ी लगातार कई फिल्मों में देखने को मिली.

बिग बी के साथ नहीं किया कभी काम:

वैसे तो देव साहब ने उस वक्त के सभी सितारों के साथ काम किया था. लेकिन कभी उन्होंने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ किसी भी फिल्म में काम नहीं किया है. सुनकर आपको यकीन न हो रहा हो लेकिन यह बात सच है. हालांकि फिल्म ‘ज़ंजीर’ के लिए मेकर्स की पहली पसंद देव साहब ही थे. लेकिन किसी करण के चलते देव साहब इस फिल्म में काम नहीं कर पाए थे. बाद में यह फिल्म अमिताभ को दी गई थी. इसी फिल्म से अमिताभ के करियर में चार चाँद लग गए थे.

‘हरे राम हरे कृष्ण’ के लिए जीनत थीं देव साहब की पहली पसंद:

देव साहब की फिल्म ‘हरे राम हरे कृष्ण’ उस ज़माने की सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. लेकिन ऐसा कहा जाता है कि इस फिल्म में उनकी बहन के किरदार के लिए काफी सारी लड़कियों का स्क्रीन टेस्ट लिया गया था. फिर भी कोई चेहरा फिल्म में देव साहब की बहन बनने के लिए सही नहीं मिल पाया था. बाद में एक पार्टी के दौरान एक्ट्रेस जीनत से देव साहब बात कर रहे थे. तभी जीनत ने उन्हें हैंडबैग से सिगरेट निकालकर दी. जीनत की यह अदा देव साहब को पसंद आ गई और उन्होंने देर न करते हुए जीनत को इस रोल के लिए सिलेक्ट कर लिया था. साल 2001 में पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित हो चुके देवानंद को 2002 में दादा साहब पुरस्कार मिला था. साल 2011 में लंदन में दिल का दौरा पड़ने से वे हमें अलविदा कह गए.

Published by Lakhan Sen on 03 Dec 2018

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