सन्यास के बाद गंभीर ने किया अपना दर्द बयां, जताया विश्वकप 2015 की टीम में शामिल ना होने का अफ़सोस

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भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक गौतम गंभीर ने मंगलवार को क्रिेकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास लेने की घोषणा की थी. क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 10,000 से अधिक रन बनाए थे. 37 वर्षीय बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपने संन्यास की घोषणा की थी.

गंभीर ने कहा था कि, ‘अपने देश के लिए 15 साल से भी अधिक समय तक क्रिकेट खेलने के बाद मैं इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहना चाहता हूं.’ साथ ही उन्होंने कहा था कि, ‘आंध्र के खिलाफ अगला रणजी ट्राफी मैच मेरा आखिरी मैच होगा. मेरे क्रिकेट सफर का अंत उसी फिरोजशाह कोटला मैदान पर होगा जहां से इसकी शुरूआत हुई थी.’

संन्यास लेने के बाद गंभीर ने एक और बयान दिया है. इसमें उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें विश्वकप 2015 की टीम में शामिल ना होने का भी अफ़सोस है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनका धोनी के साथ कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि, उनके साथ खिलाड़ियों ने अगले दो-तीन विश्वकप भी खेले थे लेकिन उन्हें इसका कोई मौका नहीं दिया गया. जिसका उन्हें बहुत अफ़सोस रहेगा.

बता दें कि गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 41.96 की औसत से 4154 रन बनाए जिसमें नौ शतकीय पारी भी शामिल हैं. साथ ही उन्होंने 147 एकदिवसीय मैचों में 39.68 की औसत और 11 शतकीय पारियों की मदद से 5238 रन बनाए थे. गंभीर ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी उन्होंने 37 मैच में सात अर्धशतक की मदद से 932 रन बनाए. गंभीर ने दिल्ली के अपने साथी वीरेंद्र सहवाग के साथ सफल सलामी जोड़ी बनाई थी. इन दोनों ने सलामी जोड़ी के रूप में 4412 रन जोड़े जो कि भारतीय रिकार्ड है.

साथ ही गंभीर ने न्यूजीलैंड में श्रृंखला जीतना और आस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज जीतने को अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताई हैं. उन्होंने कहा कि, ‘मुझे उम्मीद है कि आस्ट्रेलियाई दौरे पर गई वर्तमान भारतीय टीम हमारी उपलब्धियों को पीछे छोड़ने में सफल रहेगी.’ गंभीर ने अपने संदेश में भारतीय टीम, आईपीएल की टीमों केकेआर और दिल्ली डेयरडेविल्स तथा दिल्ली रणजी टीम के अपने साथियों के साथ-साथ अपने प्रशिक्षकों का भी धन्यवाद किया.

Published by Yash Sharma on 07 Dec 2018

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