ऐसे 5 देश जहां बनती हैं सबसे ज्यादा फीचर फ़िल्में, चलिए बताते हैं फीचर फिल्मों के बारे में

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फिल्मों का चलन आज से नहीं बल्कि सालों से चला आ रहा है. पूरी दुनिया में कई तरह की फिल्मों का निर्माण किया जाता है. देखने को मिल रहा है कि दिनों दिन अब फीचर्स फिल्मों का भी चलन बढ़ रहा है. तो चलिए इस खबर में हम आपको बताते हैं उन देशों के बारे में जहां सबसे ज्यादा फीचर्स फ़िल्में बनती हैं. यूं कहे तो इन देशों के लोग फीचर फ़िल्में देखना ज्यादा पसंद करते हैं. अभी हाल ही में UNESCO ने एक सर्वे किया है और इस सर्वे के अनुसार हम आपको बताते हैं पांच वो देश जहां सबसे ज्यादा फीचर फ़िल्में बनती हैं.

भारत:

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इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है भारत का. भारत में हर साल करीब-करीब 839 फ़ीचर फ़िल्में बनती हैं. हिन्दी फ़िल्म इंडस्ट्री के अलावा यहां कई क्षेत्रीय फ़िल्म इंडस्ट्रीज़ भी हैं.

चीन:

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भारत के बाद इस लिस्ट में दूसरा नाम आता है हमारे पड़ोसी देश चीन का. चीन में हर साल 469 फीचर फ़िल्में बनती हैं. फीचर फिल्मों के मामले में चीन दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है.

फ़िलीपीन्स:

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19वीं शताब्दी से फ़िलीपीन्स में फ़िल्में बन रही हैं. सुनकर आपको भले ही यकीन न हो रहा हो लेकिन यह बात बिल्कुल सच है. फ़ीचर फ़िल्में फ़िलीपीन्स की फ़िल्म इंडस्ट्री का अहम हिस्सा हैं. इस देश में हर साल करीब करीब 385 फ़िल्में बनती हैं.

अमेरिका:

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अमेरिका में हर साल लगभग 385 फ़िल्में बनाई जाती हैं. अमेरिका में पिछले कई सालों से फीचर फिल्मों पर जोर दिया गया है जबकि पहले यहां सिर्फ टेलिविज़न इंडस्ट्री ही ज्यादा एक्टिव रहती थी.

जापान:

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जापान में सबसे ज्यादा एनिमेटेड फ़ीचर वाली फिल्मों का निर्माण होता है. यहां की फिल्म इंडस्ट्री भी काफी बड़ी है. जापान में हर साल तकरीबन 238 फ़ीचर फ़िल्में बनाई जाती हैं. यहां किताबों पर बनने वाली फ़िल्मों का भी ज्यादातर निर्माण होता है. चलिए ये तो हुए दुनिया के टॉप 5 देश जहां फीचर फ़िल्में बनाई जाती हैं.

अब हम आपको बताते हैं आखिर फीचर फ़िल्में क्या होती हैं?

UNESCO के सर्वे के आधार पर 90-120 (210 भी हो सकते हैं) मिनट की फ़िल्में जिन्हें 35mm और 16mm Format में शूट किया गया हो, फ़ीचर फ़िल्मों की कैटेगरी में आती हैं. अब तो आप समझ ही गए होंगे कि आखिर हम किन फिल्मों की बात कर रहे थे.

Published by Lakhan Sen on 13 Dec 2018

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