ब्रह्मा का परपोते होने से हिमालय को हिलाने तक, महाज्ञानी रावण से जुड़े हैं कई रोचक किस्से

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टीवी पर बचपन में हम सभी ने रामायण तो देखी ही है. यहाँ तक कि हममें से कुछ लोगों ने तो रामायण को पढ़ा भी है. जिस किसी ने रामायण पढ़ी या फिर देखी होगी तो उस व्यक्ति को यह बात अच्छे से पता होगी कि रामायण में राम को सच्चाई का प्रतीक और रावण को बुराई का प्रतीक माना गया है. वैसे तो आप सभी ने रामायण में रावण की कई बातें सुनी हैं. लेकिन आज हम रावण की वो बातें बताने जा रहे हैं जो शायद ही कभी आपने सुनी होगी. आइए जानते हैं रावण के कुछ अनसुने किस्सों के बारे में-

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यह बात हम सभी अच्छे से जानते हैं कि रावण के पास जितना ज्ञान था उतना किसी देवता के पास तक नहीं था. एक बार की बात है जब रावण ने गुस्से में आकर हिमालय में जाकर कैलाश पर्वत को हिलाने का प्रयास किया था. तो वहीँ शिव जी ने पैर के अंगूठे से रावण को दबा दिया था. जिसके बाद रावण चिल्लाने लगा था. बाद में रावण ने शिव जी से माफ़ी मांगी थी और इसके बाद शिव की भक्ति करने लगा था. एक बार शिव की भक्ति करते वक्त रावण इतना लीन हो गया था कि उसने अपने सिर के दस टुकड़े कर दिए थे. लेकिन कहते हैं कि जिस पर हो महाकाल का हाथ हो तो काल भी क्या कर सकता है. यहीं वजह थी कि शिव की भक्ति के चलते रावण के 10 भागों में बटा सिर का हर हिस्सा ही एक पूरा सिर बन गया था.

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आपको सुनकर भले ही इस बात का यकीन न हो लेकिन रावण के पास इतना ज्ञान हो गया था कि उसे यह तक पता चल गया था कि उसकी मृत्यु विष्णु अवतार के हाथों होगी. रावण यह बात अच्छे से जानता था कि यह नियति है और इसे कोई टाल नहीं सकता है. जब रावण के बेटे मेघनाथ का जन्म हुआ था, तब रावण ने सभी ग्रहों को एक ही जगह आने को कहा था. शनि को छोड़कर सभी ग्रह आ गए थे लेकिन शनिदेव नहीं आए थे. जिसके बाद शनि को रावण ने कैदी बना लिया था. अगर सभी गृह एक साथ आ जाते तो मेघनाथ अमर हो जाता.

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बता दें कि रावण के पिता विश्रवा थे जो कि प्रजापति ब्रह्मा के दस पुत्रो में एक थे. इसलिए रावण ब्रह्मा का परपोता था. जब रावण आखिरी सांसे ले रहा था तब श्रीराम ने लक्ष्मण को रावण के पास जाकर ज्ञान लेने को कहा था. राम ने लक्ष्मण को ऐसा करने के लिए इसलिए कहा था. क्योंकि राम को पता था कि रावण के पास जो ज्ञान है उतना ज्ञान किसी और के पास नहीं था.

Published by Lakhan Sen on 22 Dec 2018

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