कृत्रिम पैर के सहारे अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे शिखर पर चढ़ाई कर अरुणिमा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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इस दुनिया में सभी लोग अपनी काबिलियत साबित करने के लिए खूब मेहनत करते हैं लेकिन कई बार शरीर से असक्षम लोग भी ऐसे प्रेरणादायक काम कर जाते हैं जिनसे दूसरे लोग प्रेरणा लेते हैं. यहां हम ऐसी ही एक दिव्यांग शख्स के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने खुद के साथ ही अपने देश का नाम भी रोशन कर दिया है. जी हां, हम बात कर रहे हैं पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा की जो कि पर्वतारोही हैं और उन्होंने एक कृत्रिम पैर के सहारे अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे शिखर माउंट विंसन पर चढ़ाई कर तिरंगा फहराया है.

बता दें कि यह काम करने वाली अरुणिमा दुनिया की पहली दिव्यांग महिला हैं. जिस समय अरुणिमा ने पर्वत पर चढ़ाई की उस समय वहां का तापमान माइनस 40 से 45 डिग्री के करीब था. इसके साथ ही वहां तेज बर्फीले तूफ़ान भी चल रहे थे लेकिन अरुणिमा ने हिम्मत नहीं हारी और अपने हौसले को बुलंद रखकर वह आगे बढ़ती रहीं और आखिरकार अपने लक्ष्य तक पहुंच ही गईं. गुरूवार के दिन 12 बजकर 27 मिनट पर अरुणिना माउंट विंसन पर पहुंच गई थीं. कृत्रिम पैर की मदद से यह काम करना वाकई काबिले तारीफ है.

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First Woman Amputee To Scale Everest Gets Honorary Doctorate Her journey seems unreal. Just after two years of her losing a leg in an accident, she climbed the Mount Everest. She became the first women amputee in the world to do so. There was no stopping Arunima Sinha after that. Arunima trained under Bachendri Pal,the first woman to climb Mount Everest. Arunima has climbed the tallest peaks of Africa, Europe, Australia and South America. The gutsy mountaineer has been recently awarded an honorary doctorate by a prestigious UK university for her unbelievable achievements. The University of Strathclyde honoured Sinha with the award at a graduation ceremony in Glasgow. Talking about the award, Arunima said, “I’m very happy and grateful to receive this honorary degree from the University of Strathclyde. This award delivers a good message to the youth of India and the world over that if you strive to reach your goals in life, your achievements will be recognised.” . #bachendripal #arunimasinha #SheThePeople

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अरुणिमा के इस प्रेरणास्पद काम के लिए उन्हें पीएम मोदी ने भी बधाई दी है. अरुणिमा को बधाई देते हुए अपने ट्वीट में नरेंद्र मोदी ने लिखा है, अरुणिमा सिन्हा को सफलता का नया शिखर छूने के लिए बधाई. वह भारत की गौरव हैं, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और दृढ़ता की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है. भविष्य में उनके प्रयासों के लिए मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं.

अपनी जीत के बाद अरुणिमा ने ख़ुशी जाहिर करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से भी ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में अरुणिमा लिखती हैं इंतजार खत्म हुआ, हमें आपके साथ साझा करते हुए खुशी हो रही कि माउंट विन्सन (अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी ) पर चढ़ाई करने वाली दुनिया की पहली दिव्यांग महिला का विश्व रिकॉर्ड हमारे देश के नाम पर हो गया है. यही नहीं पीएम के बधाई देने के बाद उन्हें धन्यवाद देते हुए अरुणिमा लिखती हैं – जब देश के प्रधान सेवक इतने समर्पित हैं तो बतौर नागरिक हमें भी अपने-अपने क्षेत्रों में देश का नाम नई ऊंचाई पर ले जाने का सपना देखना चाहिए. भारतीय खिलाड़ियों की ओर से हम उनके लिए बनाई जाने वाली नीतियों और सम्मान के लिए आभार जताते हैं. जय हिंद.

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@Arunima Sinha World’s First Female Amputee to Climb Mount Everest. Sinha was going for a job of CISF in 2011 from Lucknow in train.She was a national level volleyball player who was pushed from a running train by some robbers , who want her bag and gold chain. she fell on the railway track, she saw another train coming towards her but she could not move and train crushed her leg below the knee. She was rushed to the hospital with serious leg and pelvic injuries, and lost her left leg. While being treated in AIIMS, she decide to climb Mt. Everest.She wanted to show the world that with prosthetic leg she can climb the Mount Everest. She contacted Bachendri Pal, (the first Indian woman to climb Mount Everest)and started her training. Within 52 days she climbed Everest with national flag in her hand. Her life story is an inspiring journey. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . #arunimasinha #mounteverest #mounteverestofficial #mounteverestchallenge #prostheticleg #volleyballgirls #volleyball_player #indiansports #indiangirl #mounteverestbasecamp #hardworkingwoman #indianblogger #awardwinning #media #bloggerlife #sportlife #cisf #writersofinstagram #writerscommunity #writersofinstagram #motivation💪 #motivationalpost #nevergiveup #strongwoman #successfulwomen #feminism #thefeministera #womeninspiration #bloggerstyle #gurgaonblogger

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बताते चलें इससे पहले अरुणिमा अपने एक कृत्रिम पैर के सहारे एवरेस्ट फतह कर चुकी हैं और ऐसा करने वाली वे दुनिया की अकेली महिला हैं. इसके अलावा वे किलिमंजारो (अफ्रीका), एल्ब्रुस (रूस), कास्टेन पिरामिड (इंडोनेशिया), किजाश्को पर भी जा चुकी हैं.

Published by Chanchala Verma on 05 Jan 2019

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