देश को पहला पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान हैं कपिल देव, ना हुए कभी रन आउट ना डाली नोबॉल

Get Daily Updates In Email

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े ऑलराउंडर कपिल देव का आज अपना 50 वां जन्मदिन मना रहे हैं. 6 जनवरी, 1959 को चंडीगढ़ में जन्मे कपिल देव को भारत के सबसे कामयाब कप्तानों में से एक माना जाता है. कपिल की कप्तानी में ही भारत ने पहली बार 1983 में वर्ल्ड कप जीता था. अपने 16 साल के करियर में कपिल देव ने 134 टेस्ट मैचों में 434 विकेट लिए. इसके अलावा उन्होंने 8 सेंचुरी के साथ 5248 रन बनाए. कपिल टीम इंडिया के सबसे सफल ऑलराउंडर माने जाते हैं.

वहीं कपिल के एकदिवसीय करियर की बात करें तो कपिल ने 225 वनडे मैचों में 3783 रन बनाए और 253 विकेट भी लिए थे. कपिल देव ने वर्ल्ड कप 1983 में खेले आठ मैचों में 303 रन बनाए थे और साथ ही 12 विकेट भी लिए थे. इतना ही नहीं इसके साथ ही उन्होंने 7 कैच भी पकड़े थे. जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई उनकी 175 रनों की पारी आज भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज है.

वह अपने टेस्ट करियर की 184 पारियों में कभी रन ऑउट नहीं हुए. इतना ही नहीं कप्तान कपिल देव ने अपने पूरे करियर में एक भी ‘नो बॉल’ नहीं डाली यहां तक कि प्रैक्टिस सेशन के दौरान भी कपिल देव ने कभी भी ‘नो बॉल’ की गलती नहीं की. वह अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 5000 रन और 400 विकेट के आंकड़े को पार किया है.

View this post on Instagram

#world #bestfriendgoals #ipl #kapildev #souravganguly

A post shared by IPL_csk,786 (@ipl_786_csk) on

साल 1975 में हरियाणा के लिए कपिल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया और पंजाब के खिलाफ पहले ही मैच में 6 विकेट लिए थे. पहले ही सीजन में कपिल ने 30 मैचों में 121 विकेट ले लिए. 1977-76 के सीजन में कपिल ने एक ही मैच में 10 विकेट लिए थे. 1978 में कपिल ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया. साल 1999 से लेकर 2000 के बीच कपिल भारतीय क्रिकेट टीम के कोच भी रहे.

कपिल देव को अर्जुन पुरस्कार, पद्म श्री, पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है. इतना ही नहीं क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए 24 सितंबर, 2008 को भारतीय सेना ने उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल का दर्जा भी दिया था.

Published by Yash Sharma on 06 Jan 2019

Related Articles

Latest Articles