फ्रॉड एजुकेशन सिस्टम को सामने रखती है इमरान की व्हाई चीट इंडिया, दिखी स्टार्स की दमदार एक्टिंग

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भारतीय एजुकेशन सिस्टम पर कई फ़िल्में बनाई गई हैं. वहीं इमरान हाशमी स्टारर फिल्म व्हाई चीट इंडिया भी एजुकेशन सिस्टम पर बेस्ड फिल्म आज रिलीज़ हुई है. व्हाई चीट इंडिया भारतीय शिक्षा प्रणाली में फैले हुए भ्रष्टाचार को बेनकाब करती है. इस फिल्म की कहानी राकेश सिंह यानी इमरान हाशमी के बारे में है, जो परीक्षा प्रणाली में खामियां निकाल कर उसका फायदा उठाता है और उससे अपना बिजनेस चलाता है.

अपने इस बिजनेस में राकेश सिंह मेधावी छात्रों की मदद से दूसरे साधारण छात्रों को परीक्षा में पास कराने में मदद करता है और उनको डिग्री मुहैया कराता है. राकेश सिंह पैसे कमाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. पैसे कमाने के लालच में उसका शिकार सभी लोग बनते हैं. जिसमें मासूम विद्यार्थी, राजनेता और शासकीय प्रबंधन से जुड़े लोग सभी इसमें शामिल रहते हैं. लेकिन जब उसका सामना नूपुर यानी श्वेता धन्वन्तरी से होता है तब उसको लगता है कि कोई है जो उसे उसके कुकर्मों का एहसास दिला सकता है.

फिल्म में इमरान का काम बेहतरीन है. इमरान ने दूसरी बार कॉनमैन की भूमिका अदा की है. इससे पहले वे फिल्म राजा नटरवरलाल में इस प्रकार का किरदार निभाते नजर आए थे. फिल्म में एजुकेशन सिस्टम में हो रही धांधली को बताया गया है. एजुकेशन सिस्टम में बदलाव लाने वालों के लिए यह फिल्म काफी मददगार साबित होगी.

फिल्म की सबसे बड़ी खामी इसी बात में है कि फिल्म देखते वक्त किसी के लिए भी अफसोस नहीं होता है. क्योंकि यह फिल्म एक जगह पर टिकती नहीं है. एक समय ऐसा भी आता है जब आपकी रूचि पूरी तरह से खत्म हो जाती है. हालांकि इमरान के डायलॉग और उनका अंदाज़ लोगो को बांधे रखता है.

फिल्म में शानदार डॉयलॉग्स भी है जो दर्शकों को पसंद आएंगे. फिल्म का निर्देशन सौमिक ने किया है. निर्देशक सौमिक सेन ने फिल्म के विषय एजुकेशन सिस्टम को चीटिंग माफिया से होने वाले नुकसान को दर्शकों के सामने सफल तरीके से रखा है. फिल्म में आठ गाने हैं जिन्हें गुरु रंधावा, सौमिक सेन, अरमान मलिक और तुलसी कुमार ने आवाज दी है. कुल मिलाकर यह एक अच्छी फिल्म है जो एजुकेशन सिस्टम में चीटिंग माफिया की पोल खोलती है.

Published by Yash Sharma on 18 Jan 2019

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