कभी 80 रुपए बचाने के लिए 10 किमी तक पैदल सफ़र करती थीं दंगल गर्ल फातिमा सना शेख

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आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ से फिल्मों में अपना सफर शुरू करने वाली फेमस एक्ट्रेस फातिमा सना शेख (Fatima Sana Sheikh) काफी खूबसूरत हैं. इनके चाहने वालो की संख्या भी लाखों में है. बचपन से एक्टिंग का शौक रखने वाली फातिमा हाल ही में आमिर खान के साथ फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में भी नजर आई थीं. बहुत कम ही लोगों को यह बात पता होगी कि फातिमा मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं. ‘दंगल’ में गीता फोगाट का किरदार निभा चुकीं एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने अपनी कड़ी मेहनत की दम पर आज बॉलीवुड में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में फातिमा ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कई चौंकाने वाली बातें बताई.

फातिमा ने इंटरव्यू में बताया कि, “जब मेरे पास काम नहीं था, तब पैसे बचाने के लिए मैंने एक तरीका अपनाया. घर से कहीं भी जाना होता तो हमेशा पैदल ही जाती थी. उस समय मैं थिएटर करती थी. मुझे हर शो के 80 से 100 रुपए तक मिल जाते थे. यह रकम मेरे लिए बहुत कीमती होती थी. मुझे मॉर्निंग का शो करना होता था. समय पर थिएटर पहुंचने के लिए मैं अलसुबह ही घर से निकल जाती. घर से थिएटर के बीच की 10 किमी की दूरी में रोज पैदल ही नापती. एक घंटे चलकर मैं थिएटर पहुंचती और अपना शो निपटाती. उसके बाद मुझे जो 80 रुपए मिलते, वे मेरे लिए लाखों से बढ़कर होते थे.”

फातिमा आगे कहती हैं,  “शुरू में मेरी ख्वाहिश इतनी बड़ी नहीं थी. एक अदद रोल पाकर पहली सीढ़ी चढ़ना ही मेरा लक्ष्य था. जगह-जगह होने वाले एक्टिंग ऑडिशंस के लिए मैं दौड़ती-भागती थी. जगह-जगह से आए लोगों के साथ लंबी-लंबी लाइनों में खड़े रहकर धक्के खाती. अपनी बारी आने का घंटों इंतजार करती थी. इन लाइनों में खड़ी पसीने से लथपथ हूं या फिर सर्द हवाएं झेल रही हूं, आंखों में बस एक ही सपना था कि एक दिन रुपहले परदे पर दिखना है. ऐसे मैंने कई ऑडिशंस की खाक छानी है. बहुत दौड़ाया है सक्सेस ने, यह ऐसे ही नहीं मिली है पर अभी तो बहुत आगे जाना है.”

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इंटरव्यू के आखिर में फातिमा कहती हैं, “एक्टिंग तो मेरा पैशन था, पर पैशन फॉलो करने के लिए जेब में पैसे भी तो चाहिए होते हैं. अर्निंग के लिए मैंने फोटोग्राफी शुरू की. जब मेरे पास थिएटर या एक्टिंग का काम नहीं होता था तो लोगों की शादियों में जाकर उनके फोटो खींचती थी. थोड़ी बहुत कमाई इसी से हो जाती. बाकी के समय मैं अपने पहले प्यार एक्टिंग पर ही पूरा फोकस करती थी. वह वक्त मुझे आज भी याद है. दिल में अभिनय की लौ जली होती थी और काम क्या… हाथ में कैमरा थामकर लोगों की शादियों में फोटोग्राफी करना. सच है जिंदगी भी आपको क्या-क्या रंग दिखाती है.”

Published by Lakhan Sen on 19 Jan 2019

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