रिसर्च : एक महीने फेसबुक छोड़ने से बढ़ने लगता है पॉजिटिव नेचर, मगर कम हो जाता है जनरल नॉलेज

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आज के समय में सभी लोग सोशल मीडिया का यूज आवश्यकता से अधिक करने लगे हैं. हर किसी के मोबाइल में आपको फेसबुक, व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम जैसी कई ऐप्स मिल जाएंगी, जिन्हें लोग दिनभर ऑपरेट करते हैं. हाल ही में फेसबुक को लेकर एक रिसर्च की गई है जिसमें कई तरह के तथ्य पता चला है. बता दें फेसबुक को लेकर यह रिसर्च स्टैनफोर्ड और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने की है.

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जिसकी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, ‘जिन लोगों ने एक महीने फेसबुक नहीं चलाया, उनका राजनीतिक झुकाव भी खत्म हो गया’. वहीं जिन यूजर्स ने फेसबुक छोड़ा वे कुछ महीनों में ही फेसबुक से होने वाले फायदे की वजह से वापस फेसबुक से जुड़ गए. इसी के साथ यह बात भी कही गई कि कुछ समय के लिए फेसबुक छोड़ना यूजर्स की मानसिक सेहत के लिए बेहतर हो सकता है.

न्यूयाॅर्क और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपना यह रिसर्च फेसबुक यूज करने वाले कुछ लोगों पर किया है. जिसमें पाया गया कि जिन लोगों ने एक महीने या इससे ज्यादा समय के लिए फेसबुक छोड़ा, उनके भावनात्मक रवैये में काफी सकारात्मक बदलाव आया. जबकि लंबे समय के लिए फेसबुक छोड़ने की वजह से कई लोगों के सामान्य ज्ञान में कमी भी देखी गई.’

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन लोगों ने फेसबुक यूज करना कम किया वे दूसरी साइट्स पर भी नहीं गए. मतलब उन्होंने दूसरी नेटवर्किंग साइट्स भी ऑपरेट करना बंद कर दी. इसी के कारण उनका राजनीतिक झुकाव भी किसी तरफ नहीं रहा. इसी के साथ सोशल मीडिया कम चलाने की वजह से उनकी जानकारी और समझ में कमी देखी गई.

स्टडी में यह बात भी सामने आई कि जिन यूजर्स ने फेसबुक का कम यूज किया. वे लोग अपने परिवार को ज्यादा समय लेने लगे. जिन लोगों पर यह स्टडी की गई उन लोगों ने स्टडी ख़त्म होने के बाद फिर से फेसबुक अकाउंट फिर से एक्टिवेट कर लिया. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और इस रिसर्च से जुड़े हंट एलकॉट ने बताया कि फेसबुक बंद करने के फायदों के बावजूद कई यूजर्स ने इसे दोबारा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. यानी फेसबुक छोड़ने के बाद भी लोगों से इसकी लत नहीं छूटी.

एलकॉट के अनुसार, ‘अगर फेसबुक हेरोइन होता तो शायद लोग इसे छोड़ते, लेकिन उन्हें इसका कोई नुकसान नहीं दिखता.’ इस स्टडी में एक बात यह भी सामने आई है कि यूजर्स को फेसबुक एक संपूर्ण सोशल मीडिया लगता है. यानि  एक ऐसी जगह जहां लोगों को सामाजिक होने के साथ-साथ मनोरंजन का भी मौका मिलता है.

एलकॉट के अनुसार, ‘यह स्टडी अहम रही क्योंकि फेसबुक पर यह अब तक की सबसे अलग स्टडी थी. पिछली ज्यादातर स्टडी सिर्फ किसी एक पहलू के बारे में ही लोगों को बताती थीं.’

Published by Chanchala Verma on 05 Feb 2019

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